इनर अखाड़ा बाजार में भूस्खलन की चपेट में आने से मेराज (30) निवासी गुरेज गांव जिला बांदीपुर जम्मू-कश्मीर की जान गई है। जबकि सुमन पत्नी बलदेव कृष्ण शर्मा के अलावा पांच अन्य कश्मीरी मजदूर अभी मलबे में दबे हैं। वहीं, लाहौल की चोटियों पर ताजा बर्फबारी भी हुई है। चुराह की देहरा पंचायत में निर्माणाधीन 48 मेगावाट के चांजू-3 पावर प्रोजेक्ट के नाले में बाढ़ से मशीनरी और अन्य सामान मलबे में दफन हो गया। चंबा-भरमौर हाईवे धरवाला से आगे बंद है। कालका-शिमला रेलवे ट्रैक मूसलाधार बारिश के बीच फिर धंस गया है। पट्टामोड़ के पास ट्रैक के आसपास काफी दरारें आ गई हैं।
किलाड़ मुख्यालय से पांगी की 12 पंचायतों का सड़क संपर्क कट गया है। खड़ामुख-होली मार्ग पर सुहागा के समीप मार्ग बहाली के कार्य में जुटा जेसीबी मशीन ऑपरेटर भूस्खलन के मलबे की चपेट में आकर घायल हो गया है। मंडी में पंडोह से औट के बीच चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे बार-बार बंद हो रहा है। पांच दिनों से सब्जी, फल व अन्य सामग्री के साथ सैकड़ों मालवाहक वाहन यहां फंसे हैं। सड़क बंद होने से फंसी गर्भवती महिला को बुधवार रात कड़ी मशक्कत कर रेस्क्यू किया गया।
कुल्लू-मंडी की सीमा पर ग्राम पंचायत राहला में भूस्खलन से जमीन धंसने का सिलसिला जारी है। यहां प्रशासन ने 22 घर खाली करवाए हैं। कांगड़ा जिले में पौंग बांध का जलस्तर 1394.67 फीट पहुंच गया है। 99673 क्यूसिक पानी छोड़ा गया है। ऊना में मक्की की फसल खेतों में बर्बाद हो गई है। राजधानी शिमला में वीरवार को दिन भर रिमझिम बारिश का दौर जारी रहा। वीरवार को प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में भी हल्की बारिश ही दर्ज हुई। उधर, कालका-शिमला नेशनल हाईवे-5 पर सफर करना मुश्किल भरा हो गया है। परवाणू से कैथलीघाट तक वीरवार को दिनभर पत्थर और मलबा गिरने का सिलसिला जारी रहा। बरोटीवाला की गोयला पंचायत के पन्नाथरी गांव के 10 परिवारों के घरों में दरारें आने से उन्हें सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कर दिया गया है।