संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। कपालमोचन मार्ग पर चौराही मोड़ पर जिला परिषद का करीब पांच दशक पुराना भवन अनदेखी के कारण जर्जर हो चुका है। पुराना भवन अब खंडहर बन चुका है। वहीं जमीन की कोई देखभाल न होने के कारण स्थानीय लोगों ने जिला परिषद की इस जगह को कूड़ा घर बना दिया है।
यहां पर हर समय कूड़े के ढेर लगे रहते हैं। जिसमें सारा दिन बदबू का माहौल रहता है। कूड़े पर हर समय मिक्खयां भिनभिनाती रहती हैं। लोगों ने भवन के पुनर्निर्माण काे लेकर अनेक बार उच्च अधिकारियों को अवगत करवाया, लेकिन आज तक किसी प्रकार का कोई कार्य नहीं किया गया है। कस्बा में जिला परिषद की यह एकमात्र जगह है। जिस पर बनाया गया भवन काफी पुराना है। लोगों ने अनुसार इसका निर्माण अस्सी के दशक में किया गया था।
इमारत के बनने के पश्चात कुछ साल तक इसमें कस्बा के सरकारी कार्यों के लिए कर्मचारी बैठते थे। बाद में यह भवन महिला बाल एवं विकास विभाग को सौंप दिया गया। जिसमें एक आंगनबाड़ी केंद्र भी खोला गया था। अनदेखी के कारण यह भवन धीरे-धीरे जर्जर होने लगा। अब लगभग सारा भवन गिर चुका है। जिला परिषद की जगह पर दो दशक से भी अधिक समय से कूड़ा गिराया जा रहा है। आसपास के काॅलोनी निवासी व दुकानदार अपने घरों व दुकानों को कूड़ा उसमें गिराते हैं। इससे बदबू का आलम बना रहता है। मार्ग से गुजरते समय राहगीरों को मुंह पर कपड़ा ढक कर गुजरना पड़ता है।
कस्बा के प्रवेश कुमार, राजेंद्र कुमार, अरुण कुमार, धर्मपाल का कहना है कि जिला परिषद की जमीन पर इमारत के नवीनीकरण को लेकर कोई कार्य नहीं किया गया। टूटे कमरों पर अंदर व बाहर भारी मात्रा में कस्बे का कचरा भरा पड़ा है। वहीं मानसून सीजन के दौरान इस जमीन पर कई फीट तक पानी जमा हो जाता है। जिला परिषद के पूर्व सदस्य मामचंद गुर्जर का कहना है पांच दशक पुरानी जिला परिषद की भूमि पर बनी इमारत के जीर्णोद्धार काे लेकर उन्होंने अनेक बार विभाग के उच्च अधिकारियों को अवगत करवाया गया। अधिकारी केवल आश्वासन देकर टालते रहे।