जिले में डेंगू बुखार का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब छछरौली क्षेत्र के गांव उर्जनी में डेंगू के संदिग्ध मरीज की मौत हो गई है। परिजनों का कहना है कि चिकित्सकों ने उसमें डेंगू के लक्षण बताएं थे। बुखार से पीड़ित युवक को छछरौली के गौतम अस्पताल में भर्ती करवाया गया। तीन दिन तक उसकी हालत में कोई सुधार नहीं आया। स्थानीय अस्पतालों में इलाज कराने के बाद उसको पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया था।जहां पर शनिवार रात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। 18 वर्षीय युवक की मौत से गांव में मातम का माहौल है। गमगीन माहौल में रविवार को उसका दाह संस्कार किया गया।
गांव उर्जनी निवासी मेहरबान के पुत्र परवेज खान को लगभग एक सप्ताह पहले बुखार की शिकायत हुई थी।जिस पर परिजनों ने उसको छछरौली के निजी अस्पताल में इलाज के लिए दाखिल करवा दिया, लेकिन हालत में सुधार ना होने की वजह से उसको यमुनानगर के निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया। यहां पर भी उसकी सेहत में कोई सुधार नहीं हुआ। युवक के पिता मेहरबान ने बताया कि डॉक्टरों ने परवेज को डेंगू के लक्षण बताएं थे। इसी के चलते उसकी प्लेटलेट्स भी कम हो गई थी। जब यमुनानगर के किसी अस्पताल में आराम नहीं मिला तो उसे चंडीगढ़ पीजीआई रेफर किया गया। वहां पर लगभग एक सप्ताह के इलाज के बाद शनिवार रात उसकी मौत हो गई।
जिले में इस साल डेंगू के आठ सस्पेक्टेड मरीजों की मौत हो चुकी है। जिनमें से तीन शहरी क्षेत्र और पांच ग्रामीण क्षेत्र से हैं। जबकि स्वास्थ्य विभाग ने बरसात के सीजन के वक्त दावा किया था कि उनकी तैयारियां पूरी है और इस बार डेंगू के मरीज नहीं मिलेंगे। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने संभावित इलाकों में लारवा भी चैक करवाया था। जिसमें काफी संख्या में स्वास्थ्यकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई थी। साढौरा से कांग्रेस की विधायक रेणूबाला को भी डेंगू के लक्षण मिले थे। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने उनकी रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की है।
ठंड लगने के बाद अचानक तेज बुखार चढ़ना।
सिर, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द होना।
आंखों के पिछले हिस्से में दर्द होना।
बहुत ज्यादा कमजोरी लगना।
भूख न लगना, गले में हल्का-सा दर्द होना।
जी मितलाना और मुंह का स्वाद खराब होना।
चेहरे, गर्दन और छाती पर लाल-गुलाबी रंग के रैशेज होना।
आउटडोर में पूरी बांह की शर्ट, बूट, मोजे और फुल पैंट पहनें। खासकर बच्चों के लिए इस बात का जरूर ध्यान रखें। मच्छर गाढ़े रंग की तरफ आकर्षित होते हैं इसलिए हल्के रंग के कपड़े पहनें। तेज महक वाली परफ्यूम लगाने से बचें क्योंकि मच्छर किसी भी तरह की तेज महक की तरफ आकर्षित होते हैं। कमरे में मच्छर भगाने वाले स्प्रे, मैट्स, कॉइल्स आदि का प्रयोग करें। मस्किटो रेपलेंट को जलाते समय सावधानी बरतें। इन्हें जलाकर कमरे को 1-2 घंटे के लिए बंद कर दें।
डेंगू से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग की तरफ से तमाम उपाय किए गए हैं। अभी तक जिले में कंफर्म डेंगू का कोई मरीज सामने नहीं आया है। जिनकी पीजीआई चंडीगढ़ में मौत हुई है, उनकी भी डेंगू कंफर्म की रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई। इसके बावजूद जहां भी सस्पेक्टेड मरीज पाएं जाते हैं, वहां स्वास्थ्य विभाग टीम निरीक्षण करती है और बचाव के उपाय अमल में लाती है। -डॉ. विजय दहिया, चिकित्सा अधीक्षक