यमुनानगर/जठलाना। यमुना नदी के गुमथला घाट पर शनिवार को डूबे जेएमआईटी इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्र कैथल निवासी अनुराग जागलान का शव रविवार सुबह मिल गया। सुबह साढ़े दस बजे गुमथला घाट के गहरे कुंड से बरामद हुआ। प्रशासन की ओर से विकास बोर्ड कुरुक्षेत्र के गोताखोर अजमेर सिंह राठी और धूप सिंह तैराक को बुलाया गया।
गोताखोर ऑक्सीजन सिलेंडर और मास्क लगाकर यमुना नदी के गहरे कुंड में उतरे। गोताखोर अजमेर सिंह राठी ने मात्र 6 मिनट में यमुना नदी के घाट पर बने लगभग 30 फुट गहरे कुंड में डूबे छात्र का शव खोज निकाला।
शव को कुंड से बाहर निकाला गया तो उस समय मौके पर कोई एंबुलेंस नहीं थी। इसके बाद मामले की सूचना थाना जठलाना प्रभारी इंस्पेक्टर राकेश मटोरिया को दी गई। मौके पर पहुंचे थाना प्रभानी ने कार्रवाई कर शव को कब्जे में ले लिया और पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भिजवाया।
इससे पूर्व शनिवार को यमुना नदी में डूबकर लापता हुए छात्र अनुराग जागलान के मामले में जठलाना पुलिस ने धारा 365 के तहत मामला दर्ज किया था।
उल्लेखनीय है कि शनिवार दोपहर को जेएमआईटी इंजीनियरिंग कॉलेज में आईटी फाइनल इयर का छात्र अनुराग जागलान दोस्त मुकुल शर्मा निवासी फरीदाबाद और शुभम शर्मा निवासी पंचकुला के साथ बुलेट बाइक नं सीएच 01बी-6078 पर गुमथला घाट पर नहाने गए थे।
इस दौरान तीनों दोस्त नहाते समय यमुना नदी के गुमथला घाट पर गहरे कुंड में डूब गए। मुकुल शर्मा और शुभम शर्मा को ग्रामीणों ने समय रहते बचा लिया, लेकिन अनुराग जागलान गहरे कुंड में डूबकर लापता हो गया।
छात्र शुभम शर्मा और मुकुल शर्मा को गांव गुमथला निवासी राजेश कुमार और विनोद कुमार ने बड़ी मशक्कत से बचा लिया था। रविवार को गोताखोर अमर सिंह पहलवान, रामकेश और सुरेंद्र ने नाव की मदद से लापता युवक को खोजने की कोशिश की थी, लेकिन कामयाबी नहीं मिली थी। जिसके बाद प्रशासन ने शव की खोज के लिए कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड से गोताखोर मंगवाया। जिसने मात्र 6 मिनट में शव बरामद कर लिया। इस दौरान कॉलेज निदेशक डॉ. संजीव गर्ग, प्रशांत तोमर सुरक्षा अधिकारी, ईश्वर अग्रवाल रजिस्ट्रार, अजायब सिंह, होशियार सिंह मौके पर थे।
कई जान गवा चुके हैं गुमथला घाट पर, प्रशासन चेतावनी बोर्ड तक नहीं लगवा पाया
यमुना नदी के गुमथला घाट पर नहाते हुए गहरे कुंड में डूबकर कई लोग अपनी जान गवा चुके हैं। गुमथला घाट पर बने कुंड 30 से 40 फुट गहरे हैं, जिसमें डूबे व्यक्ति का बचना मुश्किल होता है। शांत बह रही यमुना नदी के गुमथला घाट पर आमतौर पर यह गहरे कुंड अंजान व्यक्ति को नजर नहीं आते।
इन कुंडों की चपेट में आठ दिनों में रजत निवासी गुमथला और जेएमआईटी इंजीनियरिंग कॉलेज का छात्र अनुराग जागलान की डूबने से मौत हो चुकी है। इसके बावजूद सिंचाई विभाग और प्रशासन की ओर से गुमथला घाट पर स्नान करने वाले लोगों को गहरे कुंडों के बारे में जानकारी देने के लिए घाट पर कोई चेतावनी बोर्ड नहीं लगाया गया है।
इससे आम आदमी को इन कुंडों की गहराई की जानकारी नहीं मिल पाती। जेएमआईटी इंजी कॉलेज के निदेशक डॉ. संजीव गर्ग ने बताया कि कॉलेज की ओर से गुमथला घाट पर बने गहरे कुंडों की जानकारी देने के लिए चेतावनी बोर्ड लगवाए जाएंगे, ताकि कोई अनजाने में गहरे कुंड में डूबकर अपनी जान न गवाएं। वहीं कॉलेज के छात्रों को भी इस बारे कड़ी चेतावनी दी जाएगी कि कोई भी कॉलेज का छात्र यमुना नदी के घाटों पर नहाने न जाए।