यमुनानगर। जून माह में पड़ रही भीषण गर्मी में अब गरीब और जरूरतमंद परिवारों को गेहूं की जगह बाजरे की रोटी नहीं खानी पड़ेगी। जून माह में लोगों को राशन डिपो से बाजरा नहीं दिया जाएगा बल्कि केवल गेहूं ही दिया जाएगा। इस संबंध में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने प्रदेश के सभी जिलों के डीएफएससी को आदेश जारी कर दिए हैं। प्रदेश के सभी डिपो पर 745009.39 क्विंटल गेहूं भेजने का पत्र विभाग ने जारी कर दिया है। इसमें से यमुनानगर को 39978.99 क्विंटल गेहूं दिया जाएगा।
कई माह से लोगों को गेहूं के अलावा बाजरा भी राशन डिपो से निशुल्क दिया जा रहा था। गेहूं के साथ बाजरा मिलने से लोग खुश थे, क्योंकि सर्दी में बाजरे का स्वाद उन्हें भा रहा था परंतु बीते चार माह से खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने लोगों को दिए जाने वाले गेहूं की सप्लाई में कटौती कर दी। नौबत यहां तक आ गई की लोगों को हर माह जो राशन दिया जाता था, उसमें आधा गेहूं व आधा बाजरा दिया जाने लगा। इससे लोगों की परेशानी बढ़ गई। कारण कि गर्मी में बाजरा स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है।
जून माह में प्रति एएवाई परिवार को 35 किलोग्राम अनाज देने का निर्णय लिया गया है। वहीं बीपीएल परिवार के प्रत्येक लाभार्थी को चार किलोग्राम गेहूं और एक किलोग्राम बाजरा लेना पड़ सकता है। हालांकि एक किलो बाजरा तभी दिया जाएगा जब डिपो संचालक की पीओएस मशीन में बाजरे का स्टॉक दिखाया गया है। वैसे न के बराबर ही मशीन है जिसमें बाजरे का स्टॉक दिख रहा हो। ऐसे में बीपीएल परिवारों को भी पांच किलोग्राम गेहूं ही निशुल्क दिया जाएगा। बुजुर्ग ओम प्रकाश, महिंद्र सिंह का कहना है कि इस वक्त बाजरे की जरूरत नहीं हैं। बाजरे की तासीर गर्म होती है इसलिए इतनी गर्मी में बाजरा खाने से स्वास्थ्य खराब हो सकता है।
गेहूं ही दिया जाएगा : अशोक शर्मा
डीएफएससी अशोक शर्मा ने बताया कि जून माह में लोगों को केवल गेहूं देने के आदेश आए हैं। लोगों को निशुल्क गेहूं वितरित किया जाएगा। सभी डिपो पर समय से राशन पहुंचाने के आदेश जारी कर दिए गए हैं।