यमुनानगर। पराली जलाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद प्रशासन भी हरकत में आ गया है। प्रशासन ने किसानों के लिए चेतावनी जारी की है। जिस खेत में पराली जलेगी उस खेत की मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर लाल एंट्री कर दी जाएगी। इसके बाद किसान उस लाल एंट्री वाले खेत की आगामी दो सीजन की गेहूं व धान की फसल मंडी में ई-खरीद पोर्टल के माध्यम से नहीं बेच पाएगा। इसके साथ एफआईआर दर्ज कराकर गिरफ्तारी की कार्रवाई भी होगी।
उल्लेखनीय है तमाम प्रयास के बावजूद भी पराली जलाने के मामलों में कमी नहीं आ रही है। यमुनानगर में भी अभी तक दो दर्जन से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। जिसे लेकर शुक्रवार को डीसी ने किसानों के लिए निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को अब पराली जलाने से सावधान होना होगा। जिस खेत में पराली जलेगी। उस खेत को मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर लाल एंट्री कर दी जाएगी। एक बार लाल एंट्री होने के बाद खेत की आगामी दो सीजन की गेहूं व धान की फसल मंडी में ई-खरीद पोर्टल के माध्यम से नहीं होगी।
डीसी ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट की ओर से पराली जलाने के मामले में कड़ा संज्ञान लिया जा रहा है। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग तथा जिला प्रशासन द्वारा लगातार किसानों को जागरूक किया जा रहा है। किसी भी स्थिति में पराली में आग न लगाएं बल्कि सरकार द्वारा रियायती दरों पर उपलब्ध करवाए गए कृषि यंत्रों की मदद से पराली का उचित प्रबंध करें। कृषि विभाग के उप कृषि निदेशक डॉ. आदित्य प्रताप डबास ने बताया कि किसान पराली को खेत में ही नष्ट करके खाद के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं तथा खरीद केंद्रों पर बेचकर आमदनी ले सकते हैं।
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