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डेथ प्वाइंट न फिर एक को निगला

Thu, 03 Mar 2016 12:26 AM IST
अमर उजाला ब्यूराो यमुनानगर
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नेशनल हाईवे 73 पर बस अड्डे के सामने स्थित डिवाइडर के कट ने फिर एक व्यक्ति की जान ले ली। डिवाइडर से यू टर्न लेते समय चौक की तरफ से आ रहे ट्रक की चपेट में आने से मोटरसाइकिल सवार की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद मृतक की मोटरसाइकिल ट्रक में फंस गई और ट्रक चालक उसे करीब 200 मीटर तक घसीटता ले गया। लोगों ने ट्रक का पीछा कर उसके चालक को पकड़ा और पुलिस के हवाले कर दिया। दुर्घटना के बाद हाईवे पर आधे घंटे तक जाम की स्थिति बनी रही।
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बुधवार दोपहर राजाराम गली में किराए के मकान में रहने वाला ह्रदेश (40) मोटरसाइकिल पर अंबाला रोड से जगाधरी बस अड्डे के सामने बने डिवाइडर से यू टर्न ले रहा था। तभी जगाधरी बस अड्डा चौक की ओर से आ रहे एक ट्रक ने मोटरसाइकिल को अपनी चपेट में ले लिया। ट्रक के आगे मोटरसाइकिल आने से रेहड़ी वालों ने शोर मचा दिया। इससे घबराए ट्रक चालक से ट्रक रोकने के बजाय स्पीड बढ़ा दी। इस दौरान सड़क पर गिरा ह्रदेश ट्रक के पिछले पहिये के नीचे आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। उधर, ह्रदेश की मोटरसाइकिल ट्रक के नीचे फंस गई। ट्रक चालक मोटरसाइकिल को करीब 200 मीटर तक घसीटता ले गया।

लोगों ने ट्रक का पीछा कर उसे मिलट्री ग्राउंड के नजदीक रोक लिया। इसके बाद ट्रक के चालक को काबू कर उसे पुलिस के हवाले कर दिया। दुर्घटना के बाद ह्रदेश का शव सड़क पर पड़ा होने से हाईवे पर जाम लग गया। मौके पर पुलिस व एंबुलेंस पहुंचने के बाद शव को सड़क से हटाया गया, जिसके बाद यातायात सुचारु हो पाया।
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ढाई महीने पहले रुद्रपुर से यमुनानगर आया था
मृतक ह्रदेश मूल रूप से बरेली जिले के मीरगंज का रहने वाला था। वह पशुओं की दवाई की सप्लाई करता था। वह पहले उत्तराखंड के रुद्रपुर जिले में रहता था। करीब ढाई महीने पहले उसकी पोस्टिंग यमुनानगर हुई थी। वह जगाधरी की राजा वाली गली में किराए के मकान में रहता था। ह्रदेश की बहन जगाधरी के पत्थरों वाला बाजार में ही ब्याही है।

 नेशनल हाइवे 73 पर बस अड्डे के सामने बने डिवाइडर को बंद करने की कवायद पिछले 10 सालों में सिरे नहीं चढ़ पाई है। इसके लिए कई कमेटियों का गठन भी हो चुका है। डेथ प्वाइंड के नाम से बदनाम इस डिवाइडर का मुद्दा डिस्ट्रिक रोड सेफ्टी की कई बैठकों में उठाया जा चुका है। शहर के विभिन्न मार्गों पर बने डिवाइडर के कट को बंद करवाने के लिए पिछले चार सालों में अथक प्रयास किए गए।

इस दौरान रेलवे स्टेशन चौक से नेशनल हाईवे पर स्थित बुड़िया चौक तक 33 कट बंद करवाए जा चुके हैं। लेकिन इस जानलेवा डिवाइडर को बंद करवा पाने में अधिकारी भी अब तक असफल रहे हैं। करीब चार साल पहले इस डिवाइडर पर सिटी जगाधरी एसएचओ की ट्रक की चपेट में आने से मौत हो गई थी। हरियाणा रोड सेफ्टी काउंसिल के सदस्य व डिस्ट्रिक रोड सेफ्टी कमेटी के को आर्डिनेटर सुशील आर्य ने बताया कि वर्ष 2009 में किए गए सर्वे के मुताबिक उस समय तक इस डिवाइडर के कारण 17 मौतें हो चुकी थी। वर्ष 2009 से लेकर अब तक यहां हुई मौतों का आंकड़ा 50 से अधिक हो चुका है।

इस डिवाइडर को बंद करने के लिए कई बार कमेटियां बन चुकी हैं। यहां अंडरपास बनाने का प्रपोजल भी बनाया गया। लेकिन आज तक तक न तो अंडरपास बना और न ही डिवाइडर को बंद कराया जा सका है। गौरतलब है कि यह डिवाइडर जगाधरी बस अड्डा चौक से करीब 30 मीटर दूरी पर है। चौक पर रेड लाइट होने के बाद अग्रसेन चौक की ओर से आ रहे वाहनों की करीब 50 मीटर तक लाइन लग जाती है। चौक पर ग्रीन लाइट होने के बाद वाहन तेजी से निकलते हैं ताकि दोबारा रेड लाइट पर रुकना न पड़े।

उधर, अंबाला की ओर से आने वाले वाहन चालक चौक से यू टर्न लेने के बजाए इस डिवाइडर से मुड़ते हैं। इससे दुपहिया वाहन चालक दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं। बस अड्डे से निकलने वाले व अंबाला रोड से बस अड्डे में आने के लिए बस चालक इसी डिवाइडर से निकलते हैं। सुशील आर्य के मुताबिक इंडियन रोड कांग्रेस के नार्म्स के अनुसार रेड लाइट से इतनी कम दूरी पर डिवाइडर नहीं बन सकता। जानकारों का भी मानना है कि यदि इस डिवाइडर को बंद कर दिया जाए तो यहां होने वाली जानलेवा दुर्घटनाओं पर अंकुश लग सकता है। 
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वर्जन-
दुर्घटना के बाद ट्रक में सवार एक व्यक्ति को राऊंड अप किया गया है। ट्रक चालक के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने का मामला दर्ज कर लिया गया है।
राकेश, एसएचओ, सिटी जगाधरी।
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