सोमवार को यमुना नदी में अधिकतम जलस्तर 60885 क्यूसिक रहा। हालांकि पहाड़ों पर नदी के कैचमेंट एरिया में बरसात होती रही, लेकिन कम बरसात होने के कारण जलस्तर बाढ़ के निशान पर नहीं पहुंच पाया। उधर, यमुना नदी का जलस्तर बाढ़ के स्तर से नीचे आने पर सोमवार को बैराज से पश्चिमी यमुना नहर व पूर्वी यमुना नहर में पानी की आपूर्ति होती रही। सोमवार को पश्चिमी यमुना नहर में पानी की मांग 15000 क्यूसिक की रही। उधर, खिजराबाद क्षेत्र में बरसात होने से खेतों में अभी भी पानी खड़ा है।
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18 एमएम बरसात दर्ज की गई।
सोमवार सुबह बरसात के बाद बादलों की लुका-छिपी में दिन बीत गया। हालांकि सुबह तक जिले में 18 मिलीमीटर बरसात दर्ज की गई। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक छछरौली में सबसे अधिक 41 तथा मुस्तफाबाद में सबसे कम छह मिलीमीटर बरसात दर्ज की गई। इसी तरह जगाधरी में 25, बिलासपुर में सात, साढौरा में 18 तथा रादौर में 13 मिलीमीटर बरसात हुई।