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मुफ्त सफर के लिए बहनों को बसों में मिले धक्के

Fri, 19 Aug 2016 12:39 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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भारी भीड़ भड़ाका - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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रक्षाबंधन पर्व पर हरियाणा सहित दिल्ली और चंडीगढ़ तक मुफ्त सफर की सुविधा बहनों के लिए दुविधा अधिक बनती नजर आई। गुरुवार सुबह छह बजे से ही यमुनानगर और जगाधरी बस स्टैंड पर बच्चों सहित महिलाओं की भीड़ जुटने लगी। इसके चलते रोडवेज द्वारा कई रूटों पर बढ़ाए गए बसों के फेरे भी नाकाफी साबित हुए और बसों की कमी में दोपहर तक मारामारी की स्थिति बन गई। इससे मुफ्त सफर का लाभ उठाने बच्चों संग पहुंची महिलाओं के साथ अन्य यात्रियों को भी दिक्कतों से दो-चार होना पड़ा। काफी यात्री बसों में भारी भीड़ को देखकर ही वापस लौट गए या गंतव्य तक पहुंचने के लिए निजी बसों और वाहनों का सहारा लेते दिखाई दिए। उधर, रोडवेज विभाग ने स्थिति पर नियंत्रण पाने का पूरा प्रयास किया, जिससे करीब 12 बजे हालात सामान्य हो पाए।
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रक्षाबंधन पर्व के अवसर पर बुधवार दोपहर 12 से गुरुवार रात 12 बजे तक महिलाओं और उनके साथ 15 साल के किशोरों को मुफ्त यात्रा की सुविधा दी गई। बुधवार को हालात सामान्य दिनों की तरह ही रहे, चूंकि अधिकांश महिलाओं को इसकी जानकारी नहीं थी। जबकि गुरुवार को यमुनानगर डिपो पर बसों की कमी के बीच यह सौगात महिलाओं (बहनों) को रास नहीं आई। विभागीय सूत्रों की मानें तो डिपो पर विभिन्न रूट की करीब 153 बसें हैं, जबकि मांग 180 बसों की है। कम बसों की संख्या के बीच रक्षाबंधन के दिन गुरुवार को मुफ्त सफर का लाभ उठाने वाली महिलाओं और बच्चों की भीड़ में बसों पर 35-40 प्रतिशत अधिक यात्रियों का बोझ पड़ गया। इसी कारण सुबह सात से 12 बजे के बीच यमुनानगर और जगाधरी दोनों ही बस स्टैंड पर भारी भीड़ के कारण बसों में चढ़ने के लिए मारा-मारी रही।

सुबह छह बजे से ही यमुनानगर और जगाधरी बस स्टैंड पर बच्चों सहित महिलाओं की भीड़ जुटने लगी। अतिरिक्त बसे चलाए जाने पर भी अधिकतर रूटों पर जाने वाली बसों में महिलाओं की भीड़ रही। देखते ही देखते बस स्टैंड पर काफी भीड़ लग गई और सुबह सात बजे से दोपहर 12 बजे तक और शाम चार बजे से देर शाम तक बस स्टैंड और बसों में काफी भीड़ देखी गई। महिलाएं अपने बच्चों को गोद में लेकर और बैग नीचे रखकर बसों को इंतजार करती नजर आई। दोनों ही बस स्टैंड पर भारी भीड़ के कारण बसों में चढ़ने के लिए मारा-मारी रही। महिला सुमन, हेमा, रीटा, अमन ने बताया कि सरकार ने रक्षाबंधन के दिन बसों में महिलाओं के लिए किराया तो माफ कर दिया, लेकिन बसों में अधिक भीड़ होने के कारण सीट मिलना तो दूर बस में चढ़ना मुश्किल हो गया। बसों में अधिक भीड़ होने से सबसे अधिक परेशानी बच्चों और वृद्धों को हुई। फ्री बस सेवा के साथ बसों की संख्या इतनी बढ़ाई जानी चाहिए कि यात्रियों को एक से दो घंटे तक इंतजार न करना पड़े।
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बसों के लिए घंटों इंतजार
बता दें कि हरियाणा रोडवेज बसों में केवल हरियाणा सहित चंडीगढ़ और दिल्ली तक ही बहनों को मुफ्त सफर की सौगात दी गई थी। जबकि यूपी-हिमाचल के लिए सामान्य दिनों की तरह ही सभी यात्रियों से किराया वसूला गया। लेकिन यूपी-हिमाचल रूट पर कम बसों के कारण यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा। वर्कशॉप निवासी ममता को सहारनपुर के पिलखनी गांव में अपने भाई को राखी बांधने के लिए जाना था। उसने बताया कि वह दो घंटे से बस का इंतजार कर रही है, लेकिन कोई बस नहीं आई। इसी तरह सुनीता को पौंटासाहिब जाना था, वह भी दो घंटे तक बस की इंतजार में खड़ी रही। अमरपुरी निवासी मुकेश ने बताया कि वह अपनी पत्नी अंजली व बच्चों के साथ यमुनानगर बस स्टैंड में सहारनपुर की बस का करीब दो घंटे से इंतजार कर रहा है, लेकिन अभी तक यूपी की ओर जाने वाली कोई बस नहीं आई है। यही स्थित जिले के लोकल रूटों पर भी रही, जिनमें जठलाना, बिलासपुर, खिजराबाद, मुस्तफाबाद, साढौरा, छछरौली आदि पर बसों की कम संख्या के कारण महिलाओं सहित अन्य यात्रियों को भी परेशानी हुई।

वर्जन
जिन रूटों पर यात्रियों की भीड़ ज्यादा दिखी, उन पर बसे लगा दी गईं। कई रूटों पर बसों के फेरे बढ़ाए गए, ताकि यात्रियों को दिक्कत का सामना न करना पड़े।
रविंद्र पाठक, जीएम, रोडवेज यमुनानगर।

बसों के अधिक फेरे
यमुनानगर। रक्षाबंधन के दिन मुफ्त यात्रा के मद्देनजर यात्रियों की अधिक भीड़ से निपटने के लिए रोडवेज प्रशासन ने बसों के अधिक फेरे लगवाएं। ड्यूटी इंस्पेक्टर ऋषिपाल ने बताया कि सामान्य दिनों में जहां रोडवेज बसें प्रतिदिन औसत 49 हजार किलोमीटर चलती थी, लेकिन वीरवार को बसों ने करीब 60 हजार किलोमीटर का सफर तय किया। इससे रोडवेज की आय सामन्य दिनों के आसपास रही। चीफ इंचार्ज ट्रैफिक शीशपाल ने बताया कि वीरवार को शाम पांच बजे तक करीब साढे 10 लाख रुपये की आय हो चुकी थी। वीरवार रात तक रोडवेज को करीब 12 लाख की आय जताई गई। जबकि सामान्य दिनों में रोडवेज को औसत 14 लाख की आय होती है।
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