मांगों को लेकर पीडब्ल्यूडी मैकेनिकल कर्मचारियों ने बुधवार को लघु सचिवालय में प्रदर्शन किया। सचिवालय में प्रदर्शन से पूर्व उन्होंने अनाजमंडी गेट पर करीब तीन घंटे तक धरना दिया। कर्मचारियों ने डीसी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। जिसमें उन्होंने अपनी लंबित मांगों को पूरा करने की मांग की। मांगे पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
हरियाणा गर्वनमेंट पीडब्ल्यडी मैकेनिकल वर्कर्स यूनियन के बैनर तले सैकड़ों पीडब्ल्यूडी कर्मचारी बुधवार सुबह जगाधरी अनाजमंडी गेट पर एकत्रित हुए। कर्मचारी यहां टेंट लगाकर धरने पर बैठ गए और सरकार विरोधी नारेबाजी करने लगे। करीब तीन घंटे तक नारेबाजी करने के बाद कर्मचारी प्रधान श्याम सिंह रावल के नेतृत्व में दोपहर करीब एक बजे जलूस के रूप में नेशनल हाईवे 73 से होते हुए लघु सचिवालय पहुंचे और सरकार के खिलाफ जमकर गरजे। इसके बाद उन्होंने डीसी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। धरने के दौरान यूनियन के राज्य कोषाध्यक्ष सरदार जसबीर सिंह सैनी और ऑडिटर लाल बचन चौधरी ने कहा कि प्रदेश के सभी जिलों में धरना प्रदर्शन कर यूनियन की ओर से मांगों को लेकर सरकार को ज्ञापन भेजा जा रहा है। ताकि सरकार कर्मचारियों की समस्याओं पर गंभीरता से विचार करे।
उन्होंने कहा कि धरना प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य सरकार की गलत नीतियों का विरोध करने का है। उन्होंने कहा कि यदि कर्मचारी यूनियन एकजुट होकर मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ चलेगी, तो ही सरकार उनकी बात सुनेगी। मुख्यमंत्री के नाम भेजे ज्ञापन में कर्मचारियों ने मांग की कि केंद्र के समान वेतनमान व भत्ते लागू कर सभी वेतन विसंगतियां दूर की जाए। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को प्रथम एसीपी एक जनवरी 1996 से 3050 दिया जाए। कर्मचारियों मेडिकल की कैशलेश सुविधा लागू की जाए। इसके अलावा जन स्वास्थ्य अभियांत्रिक, सिंचाई विभाग तथा भवन व मार्ग विभाग में सेवालाभ एसीपी लागू किया जाए। ज्ञापन में मांग उठाई गई कि पांच वर्ष नियमित सेवा पूर्ण करने वाले कर्मचारियों को कंफर्म किया जाए। प्रदर्शन में संजीव बग्गा, राजेश श्योराण, संजीव मेहता, सुदेश कुमार, पवन मेहता, जय कुमार कांबोज, शिवकुमार शर्मा, रेशम बहादुर, गुरमीत सिंह, सुभाष श्योराण, मांगेराम, दलजीत सिंह, बलदेव राम, जगनेश कुमार, ठाकुर सिंह आदि शामिल हुए।