हरियाणा के जगाधरी में कैथल में सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा पर नाम के साथ गुर्जर शब्द लिखने के विरोध में मंगलवार को राजपूत समाज के लोगों ने लघु सचिवालय के सामने विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान गुस्साए लोगों ने अंबाला- सहारनपुर नेशनल हाईवे जाम कर दिया और पुतला फूंककर आक्रोश जताया। प्रदर्शनकारी डीसी को मौके पर बुलाने की मांग को लेकर अड़े रहे। करीब एक घंटे बाद डीसी के पहुंचने और ज्ञापन लेने पर प्रदर्शनकारियों ने जाम खत्म किया।
प्रदर्शन के लिए राजपूत समाज के लोग सुबह अनाजमंडी के शेड में एकत्र हुए। यहां से जुलूस निकाल नारेबाजी करते हुए लघु सचिवालय की तरफ बढ़े। प्रदर्शन के लिए प्रशासन की ओर से ड्यूटी मजिस्ट्रेट के साथ भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। पुलिस की योजना थी कि प्रदर्शनकारियों को अनाजमंडी गेट पर ही रोका जाए, ताकि नेशनल हाईवे बाधित न हो।
लेकिन प्रदर्शनकारी नेशनल हाईवे पर पुतला जलाने पहुंच गए। फिर संगठन के लोग सड़क पर ही बैठ कर नारेबाजी शुरू कर दी। थोड़ी देर बाद यहां से उठकर प्रदर्शनकारी लघु सचिवालय पहुंचे और डीसी को ज्ञापन देने की मांग की, परंतु डीसी की जगह एसडीएम अमित कुमार पहुंचे। इस पर संगठन के पदाधिकारी बिगड़ गए और डीसी को बुलाने की मांग करते हुए हाईवे पर जाम लगा दिया।
प्रदर्शनकारी बसों पर चढ़कर नारेबाजी करने लगे। इस दौरान करीब 11 बजे से 12 बजे तक मार्ग जाम रहा और वाहनों की कतार लगी रही। मामला बढ़ता देख डीसी मौके पर पहुंचे। राजपूत संगठनों व समाज की ओर से डीसी को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन में देशभर में लगी सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा से गुर्जर शब्द हटाने, प्रदर्शन के दौरान राजपूत समाज के लोगों पर दर्ज केस रद्द करने व इतिहासकारों की कमेटी बनाकर तथ्यों के आधार पर सम्राट मिहिर भोज का जाति विवाद समाप्त करने की मांग की। इस दौरान क्षत्रिय महासभा के जिलाध्यक्ष एवं समस्त राजपूत समाज के वरिष्ठ नेता जंगशेर सिंह, योगेंद्र चौहान, पूर्व सरपंच नरेंद्र राणा, अशोक राणा, अधिवक्ता महिपाल सिंह, अधिवक्ता दिनेश चौहान आदि मौजूद रहे।
बस पर चढ़ कर की नारेबाजी
वहीं प्रदर्शन के चलते अंबाला सहारनपुर नेशनल हाईवे पर आवाजाही बाधित रही। गर्मी के बीच सैकड़ों लोग फंस गए। दोपहिया व छोटे वाहन चालक इधर उधर से निकलने का प्रयास करते रहे, लेकिन बड़े वाहन चालक वहीं फंसे रहे। यही नहीं कई यात्री काफी देर इंतजार करने के बाद बस से उतर कर पैदल ही चले गए। जाम के दौरान रोडवेज चालकों ने अनाजमंडी के बीच से गुजरने का प्रयास किया, लेकिन युवाओं ने बस जाने नहीं दी। युवा बस के आगे चढ़ गए और जमकर नारेबाजी की।