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Yamunanagar: जच्चा बच्चा की मौत के तीन माह बाद भी नहीं मिला इंसाफ, पति ने फंदा लगा दी जान

Tue, 25 Jul 2023 01:42 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जगाधरी, यमुनानगर (हरियाणा)

सार

तीन माह पहले सिविल अस्पताल में डिलीवरी के लिए आई पत्नी व बच्चे की मौत के बाद से महेश आहत था। एसपी से लेकर गृहमंत्री तक को शिकायत देने के बाद भी मामले में कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है। 
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मृतक महेश व उसकी पत्नी वंदना का फाइल फोटो। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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हरियाणा के यमुनानगर जिले के जगाधरी में शांति कॉलोनी निवासी महेश ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक महेश के जीजा राजिंद्र का आरोप है कि सिविल अस्पताल में 17 मई को डिलीवरी के दौरान हुई पत्नी वंदना व बच्चे की मौत के मामले में इंसाफ न मिलने पर उसने यह कदम उठाया।

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आरोप है कि अस्पताल में डिलीवरी के दौरान हुई वंदना व उसके बच्चे की मौत अस्पताल के चिकित्सकों व नर्सिंग स्टाफ की लापरवाही से हुई थी। तब कार्रवाई को लेकर परिजनों ने डेढ़ घंटे सिविल अस्पताल में हंगामा किया था। बाद में मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर महेश ने अपने परिजनों के साथ मिलकर एसपी से लेकर गृहमंत्री अनिल विज तक इंसाफ की गुहार लगाई थी, लेकिन उसे इंसाफ नहीं मिला।

जिसके चलते अब उसने अपनी जान देनी पड़ी। सूचना मिलने पर शहर जगाधरी पुलिस मौके पर पहुंची और शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम हाउस में रखवाया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
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मामले की परिजनों से जानकारी लेती पुलिस।
उत्तर प्रदेश के गोंडा निवासी महेश जगाधरी की शांति कॉलोनी में किराए पर रहता था। वह जगाधरी की प्लाईवुड फैक्टरी में काम करता था। 17 मई को सिविल अस्पताल में डिलीवरी के दौरान उसकी पत्नी वंदना व बच्चे की मौत हो गई थी। गोंडा निवासी राजिंद्र ने बताया कि तब से उसका जीजा इंसाफ के लिए घूम रहा था, लेकिन उसे इंसाफ नहीं मिल रहा था। इसी बात से वह परेशान था।

सोमवार दोपहर को उसने अपने जीजा महेश के साथ बैठकर खाना खाया। इसके बाद उसका जीजा अपने कमरे में चला गया। जब काफी देर तक वह कमरे से बाहर नहीं आया तो उसकी मां व बहन ने कमरा खुलवाने का प्रयास किया। लेकिन महेश ने अंदर से दरवाजा नहीं खोला।


शांति कॉलोनी में महेश की मौत के बाद बेहोश हुई उसकी मां बुधना
मकान मालिकों ने दरवाजा तोड़ने से मना कर दिया। काफी देर के बाद उन्होंने पड़ोसियों की मदद से दरवाजा तोड़ा। दरवाजा तोड़कर जब वह अंदर गए तो महेश छत के पंखे से कपड़े के फंदे पर लटका हुआ था। उसकी मां ने तुरंत चाकू से कपड़े को काटकर उसे नीचे उतारा। इसकी सूचना पुलिस को दी गई। शहर जगाधरी पुलिस शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम हाउस में रखवाया।

महेश ने छह जून 2022 को गोंडा की ही वंदना से प्रेम विवाह किया था। विवाह करने के बाद वह जगाधरी आ गए थे। नौ माह की गर्भवती होने पर मई माह में उसने अपनी पत्नी वंदना को सिविल अस्पताल जगाधरी में भर्ती कराया था। राजिंद्र ने बताया कि 17 मई की सुबह अस्पताल में उपचाराधीन उसकी बहन वंदना की तबीयत ठीक थी।

दोपहर के समय चिकित्सकों ने बताया कि वंदना में खून की कमी है और बीपी भी ज्यादा था। इस पर उसने अपने स्तर खून का इंतजाम किया। वंदना को दो यूनिट खून चढ़ाया गया, परंतु उसकी हालत सुधरने की बजाए और बिगड़ गई। फिर चिकित्सकों ने उसे सुबह करीब साढ़े चार पांच बजे वंदना को पीजीआई रेफर कर दिया। पीजीआई ले जाते हुए उसकी मौत हो गई। आरोप है कि वंदना की मौत चिकित्सकों व नर्सिंग स्टाफ की लापरवाही से हुई है। चिकित्सकों ने उसे आखिरी समय तक यह नहीं बताया कि वंदना की नॉर्मल या सिजेरियन डिलीवरी होगी।
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इसके अलावा दोपहर बाद वंदना को रक्त चढ़ाया गया था। इसके बाद उसे कोई इंजेक्शन दिया गया, जिसके बाद उसकी हालत बिगड़ी चली गई। जो डॉक्टर व नर्सिंग स्टाफ की लापरवाही से हुआ। मामले में कार्रवाई को लेकर उसने अपने जीजा महेश के साथ सीएमओ, एसएचओ, डीएसपी, एसपी व गृहमंत्री तक को शिकायत दी, लेकिन उन्हें कोई इंसाफ नहीं मिला।


पांच सदस्यीय कमेटी कर रही जांच, बिसरा की रिपोर्ट का इंतजार - महेश के आत्महत्या करने की सूचना पर वह मौके पर पहुंचे थे। महेश अपनी पत्नी वंदना के गम में रहता था। उसकी पत्नी की मौत के मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय कमेटी गठित की हुई है। जाे जांच कर रही है। बिसरे की रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है। रिपोर्ट आने के बाद ही मामले की कार्रवाई आगे बढ़ेगी। - जनकराज, एसएचओ, थाना शहर जगाधरी।

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