सड़कों को नुकसान के साथ हादसों और जाम की वजह बन रहे ऑवरलोड वाहनों पर जिला प्रशासन पूरी तरह शिकंजा कसने की तैयारी में है। बीते सप्ताह जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक में राज्यमंत्री अनिल विज के आदेश के बाद से प्रशासन इस दिशा में चौकस है। इसको लेकर सोमवार को लघु सचिवालय में हुई जिला रोड सेफ्टी कमेटी की बैठक में भी डीसी समेत संबंधित विभागों ने खास स्ट्रैटेजी बनाई।
बैठक देर शाम कमेटी के चेयरमैन एवं डीसी आरएस खरब की अध्यक्षता में हुई। इस दौरान एसपी राजेश कालिया भी मौजूद रहे। विशेष रूप से ऑवरलोडेड वाहनों को लेकर रणनीति बनाई। आरटीए सचिव देवेंद्र कौशिक ने बताया इसको लेकर लगातार चालान की कार्रवाई जारी है। जनवरी में 48 लाख व फरवरी में 57 लाख का राजस्व वसूला गया है। इस पर डीसी एवं चेयरमैन आरएस खरब ने कहा चालान समाधान नहीं है। कुछ ओवरलोड वाहनों के चालक रुकते नहीं और सामने वाले पर गाड़ी चढ़ाने से भी गुरेज नहीं करते हैं। अपनी सुरक्षा को ध्यान में रख कुछ इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का इस्तेमाल करें और ओवरलोड वाहनों को रोक सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाए। इसमें होमगार्ड की मदद भी ली जा सकती है। एसपी राजेश कालिया ने कहा आरटीए टीम सभी जगह कार्रवाई के लिए नहीं जा सकती है। ऐसे में जिला पुलिस ने सभी थानों के अंतर्गत नाके चिह्नित कर लिए हैं। सभी थाना प्रभारियों को निर्देश हैं कि कार्रवाई हेतु संबंधित क्षेत्र के एसडीएम को भी सूचना दें।
फुट के हिसाब से चालान हेतु चालान बुक में एड कराएं कॉलम
बैठक में ओवरलोडेड वाहनों के चालान को लेकर कांटों पर वजन पर्ची कराने में लगने वाले समय पर बिलासपुर एसडीएम नवीन अहूजा ने सुझाव दिया कि फुट के हिसाब से चालान किया जा सकता है। इस पर डीसी एवं चेयरमैन आरएस खरब ने सहमति जताते हुए कहा कि संबंधित विभाग इस दिशा में विचार करे। चालान बुक में एक कालम ऐड कराया जाए, ताकि चालक से पूछा जा सके कि वह वजन कराना चाहता है अथवा नहीं।
39 में से पहुंचे 20 विभागों के अधिकारी
बैठक में खास बात यह रही कि इसमें उपस्थित होने के लिए 39 विभागों को सूचित किया गया था, किंतु करीब 20 विभागों से ही अधिकारी बैठक में पहुंचे। इस पर डीसी एवं चेयरमैन आरएस खरब ने कहा जिले में हर रोज सड़क हादसा हो रहा है, जिसमें एनएच व एनएचएआई लापरवाही कर रहा है। कहा जिन्हें सड़क हादसों को रोकने की दिशा में काम करना है, वही मीटिंग में नहीं आ रहे हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि जो ऑटो चालक नियमों की अवहेलना करें, उन्हें संबंधित विभाग इंपाउंड करें वहीं, स्कूल बसों को सड़क पर न रोक स्कूल में चैक करें।
प्रोजेक्टर से गिनाईं सड़क दुर्घटनाओं की वजह
बैठक में ओम सेवा संस्थान के अध्यक्ष एडवोकेट सुशील आर्य ने प्रोजेक्टर के माध्यम से अलग-अलग जगहों पर सड़क दुर्घटनाओं की वजह गिनाईं। उन्होंने बताया कि कमानी चौक पर स्टाप लाइन नहीं है व सड़क और बर्म के बीच कई इंच का गेप है, जो दुर्घटना की बड़ी वजह है। इसी तरह विश्वकर्मा चौक के समीप डिवाइडर को रिपेयर कर स्लीप-वे बनाने की जरूरत है। जगाधरी बस स्टैंड पर अंडरपास, मटका चौक पर मार्किंग, जगाधरी के पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस कट पर पेड़ की जड़ व पोल को हटाना, शहीद भगत सिंह चौक की री-डिजाइन, कन्हैया साहिब चौक का आकार छोटा करने व उस पर घने पेड़ों को काटने की जरूरत है।