समस्याएं हर जगह होती है। ट्विन सिटी में भी हैं। लेकिन अब ने नासूर बनती जा रही हैं। इनका निदान संभव है। इसके लिए प्रयास भी हुए हैं। लेकिन इन कोशिशों को मुकाम नहीं मिल पाया है। इसके लिए सरकारी लेटलतीफी भी एक कारण है। स्वतंत्रता दिवस पर अमर उजाला आला अधिकारियों का ध्यान इन समस्याओं की ओर आकर्षित कर रहा है ताकि शायद अगले स्वतंत्रता दिवस पर ये प्रोजेक्ट सरकारी फाइलों से निकलकर धरातल पर आ सके।
पार्किंग का नहीं कोई विकल्प
इनमें पहले पायदान पर पार्किंग की समस्या है। बाजारों में कही भी पार्किंग की व्यवस्था न होने से दुपहिया और चौपहिया वाहन सड़कों पर ही खड़े रहते हैं, जिससे यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित होती है। स्टेशन चौक से लेकर प्यारा चौक तक सड़क के दोनों और बेतरतीब तरीके से वाहन खड़े रहते हैं। ठीक यही हाल जगाधरी शहर के मुख्य बाजारों का है। जिला प्रशासन ने पार्किंग के लिए कई बार प्लानिंग बनाई, लेकिन यह आज तक सिरे नहीं चढ़ पाई है।
नहीं बन पाया फ्लाइओवर, रोज जाम
रादौर रोड पर रेलवे क्रासिंग पर लगने वाले जाम की समस्या का अब तक निदान नहीं हो पाया है। इसके लिए रेलवे क्रांसिग पर फ्लाइओवर बनाने की मांग लंबे समय से की जा रही है। करीब तीन साल पहले इस योजना पर काम भी शुरू किया गया, लेकिन यह सिरे नहीं चढ़ पाई। यहां रोज ही जाम की स्थिति बनी रहती है। वहीं वाहन चालक बंद रेलवे क्रासिंग के नीचे से दुपहिया वाहन निकालते रहते हैं।
हाईवे पर मंडी बनी हादसों की वजह
ट्विन सिटी दो दो नेशनल हाइवे गुजरते हैं और दोनों पर ही लक्कड़ मंडी हैं। शहर के बीच में लक्कड़ मंडियां होने से आए दिन सड़कों पर जाम की स्थिति बनती है। वहीं, कई जानलेवा दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं। मानकपुर में नई लक्कड़ मंडी बन चुकी है, लेकिन जगाधरी शहर में चल रही लक्कड़ मंडी वहां शिफ्ट नहीं हो पाई है। इससे एनएच-73ए पर अग्रसेन से बुडिय़ा चौक तक रोज सुबह सात से दस बजे तक जाम लगा रहता है।
जलभराव से होते लोग परेशान
ट्विनसिटी में जनभराव की समस्या विकराल रूप धारण कर चुकी है। इस मानसून सीजन में ट्विन सिटी की लगभग हर कॉलोनी में जलभराव हुआ। पॉश इलाके प्रोफेसर कॉलोनी व माडल टाउन के अलावा निचली कॉलोनियों में घरों में पानी आने से सैकड़ों लोगों का करोड़ों रुपये का घरेलू सामान खराब हुआ। लाजपत नगर व टैगोर गार्डन में तो घरों में चार फुट तक पानी पहुंचा। हर बार बरसाती सीजन से पूर्व प्रशासन निकासी की व्यवस्था पुख्ता होने के दावे करता है, लेकिन नतीजा वही ढाक के तीन पात।
करोड़ों का डेयरी प्रोजेक्ट अटका
शहर से डेयरी शिफ्टिंग प्रोजेक्ट पिछले 12 सालों से अधर में लटका है। इसके लिए दड़वा, कैल, औरंगाबाद व रायपुर में जमीन अधिग्रहण कर वहां डेयरी संचालकों को प्लाट आबंटित किए गए हैं। लेकिन जन निकासी सहित अन्य सुविधाओं का अभाव होने के कारण टिवन सिटी से डेयरियां स्थानान्तरित नहीं हो पाई है।
डीसी से सीधी बात
1. सवाल-पार्किंग की समस्या काफी पुरानी है। कब तक इसका हल निकल आएगा ?
जवाब-नगर निगम कार्यालय को पंचायत भवन के नजदीक पड़ी जमीन में शिफ्ट करने की प्रक्रिया जारी है। शिफ्ट होते ही पुराने कार्यालय पर पार्किंग बनाई जाएगी।
2. ट्विन सिटी से डेयरियां बाहर नहीं जा पाई है
-यह सही है कि डेयरियों की वजह से शहर में गदंगी फैलती है और सीवरेज भी चोक होते हैं। प्लाट धारकों की रजिस्ट्रियां करवाई जा रही है और डेयरी कांपलेक्स में जल निकासी सहित अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है। जल्द ही डेयरियां काम्पलेक्स मेें शिफ्ट करा दी जाएंगी।
3. फुटपाथों के अतिक्रमण की समस्या का स्थायी हल नहीं निकला।
-करीब ढाई महीने पहले प्रशासन ने दुकानों के बाहर बनाए गए फर्श व अन्य अतिक्रमण को तुड़वाया गया है। इसे अब सड़क के साथ मिलाने के लिए 50 लाख रुपये के टेंडर जारी किए जा रहे हैं। सड़क बनाने के बाद यहां पार्किंग के लिए लाइन बनाई जाएगी।
4. जलभराव की समस्या एक दशक से पुरानी है, लेकिन इस बार हुए जलभराव ने लोगों की आंखों में आंसू ला दिए। इसके लिए क्या प्लानिंग है?
-यमुनानगर में होने वाले जलभराव का मुख्य कारण जगाधरी का पानी है। परवालो में एसटीपी बनाया जा रहा है। इसका काम पूरा होने पर जगाधरी व सेक्टर 17 का पानी एसटीपी में डायवर्ट किया जाएगा। यमुनानगर के लिए भी प्लानिंग की जा रही है।
5. यमुनानगर व जगाधरी में चल रही लक्कड़ मंडियों के कारण जाम लगता है। इनकी शिफ्टिंग कब तक हो जाएगी?
-दो महीने में दोनों मंडियों को शहर के बाहर शिफ्ट कर दिया जाएगा। यमुनानगर की मंडी के लिए सहारनपुर रोड पर रेंट पर जमीन ली गई है, जहां काम चल रहा है।
6. रादौर रोड पर फ्लाई ओवर बनाने की मांग कई सालों से की जा रही है। क्या इस बारे कोई योजना बनाई जा रही है।
-रेलवे क्रासिंग पर फ्लाई ओवर का निर्माण रेलवे ही करवा सकती है। क्रासिंग के दोनों ओर जाम न लगे, इसके लिए सड़कों को चौड़ा करने पर विचार किया जाएगा।