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उपभोक्ताओं से सेटिंग कर मीटर रीडर लगा रहे बिजली निगम को चूना

Sun, 06 Sep 2015 12:04 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला यमुनानगर
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उपभोक्ताओं के साथ सांठगांठ कर विभाग को चूना लगाने वाले विभीषणों के खिलाफ बिजली निगम शिकंजा कस रहा है।
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बिजली के मीटरों की कम रीडिंग रिकार्ड में दर्ज करने वाले मीटर रीडरों की पहचान कर उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा रही है।

साथ ही सेटिंग करने वाले उपभोक्ताओं से भी जुर्माना वसूल किया जा रहा है। विभाग द्वारा अब तक की गई चेकिंग में ऐसे तीन मीटर रीडर सामने आ चुके हैं।

उपभोक्ताओं के मीटर की रीडिंग लेने के लिए बिजली निगम ने कांट्रेक्ट बेसिस पर कर्मचारी रखे हैं। ये रीडर मीटर से रीडिंग लेकर उसे रजिस्टर मेें दर्ज करते हैं। मीटर रीडरों द्वारा ली गई रीडिंग के अनुसार ही उपभोक्ताओं के बिल बनाए जाते हैं।

विभाग अब स्पेशल टीमें बनाकर उपभोक्ताओं के मीटर और मीटर रीडरों के रजिस्टर की जांच-पड़ताल कर रहा है। विभाग की स्पेशल टीम उपभोक्ताओं के मीटर की रीडिंग नोट करती है। इसके बाद संबंधित एरिया के मीटर रीडर द्वारा रजिस्टर में दर्ज की गई रीडिंग से इसका मिलान किया जाता है।
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यदि उपभोक्ता के मीटर में रीडिंग अधिक है और मीटर रीडर के रजिस्टर में कम रीडिंग दर्ज है तो संबंधित मीटर रीडर से पूछताछ की जाती है। इसमें मीटर रीडर की गड़बड़ी पाए जाने पर उसके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। विभाग की स्पेशल टीमेें अब तक जगाधरी शहर और छछरौली में उपभोक्ताओं के मीटर चेक कर चुकी है। सर्कल के अन्य इलाकों में भी जल्द ही स्पेशल टीमें चेकिंग करेंगी।
उपभोक्ता से सेंटिग कर विभाग को लगाते हैं चपत
विभाग द्वारा की गई छानबीन में सामने आया था कि मीटर रीडर उपभोक्ता से सेटिंग कर विभाग को चूना लगा रहे हैं। ऐसे मीटर रीडर उपभोक्ता के मीटर पर नजर आने वाली सही यूनिट को रजिस्टर पर दर्ज न कर उससे कम यूनिट दर्ज कर लेते हैं।

कई महीनों तक इसी प्रकार रजिस्टर में कम रीडिंग दर्ज की जाती है। इसके बाद मीटर में छेड़छाड़ कर या तो मीटर को खराब कर दिया जाता है या फिर किसी जानकार से मीटर खुलवाकर उसकी रीडिंग कम कर दी जाती है।

इसके एवज में मीटर रीडर उपभोक्ता से हर महीने तय रकम लेते हैं। विभाग द्वारा अब तक मीटर रीडिंग का कार्य मैनुअली किया जा रहा है। इस कारण विभाग को इस गड़बड़ी का पता नहीं चल पाता है। इस मिलीभगत से बिजली विभाग को हर महीने लाखों रुपये की चपत लगती है।
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वर्जन
मीटर रीडरों द्वारा उपभोक्ताओं से सेटिंग कर रजिस्टर में कम रीडिंग दर्ज करने की बात सामने आई थी। इसके बाद स्पेशल टीमें बनाकर उपभोक्ताओं के मीटर की रीडिंग और मीटर रीडर द्वारा रजिस्टर में दर्ज की गई रीडिंग का मिलान किया जा रहा है। अब तक तीन मीटर रीडरों के रजिस्टर में मीटर से कम रीडिंग पाई गई है। इन मीटर रीडरों के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। जिन उपभोक्ताओं की मीटर रीडर के साथ सेटिंग है, उनसे भी जुर्माना वसूल किया जा रहा है।
एचपी शर्मा, सुप्रिंटेंडिंग इंजीनियर, उत्तरी हरियाणा बिजली निगम
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