बिलासपुर स्थित नेशनल कंप्यूटर सेंटर में प्रिंटर पर असली नोट स्कैन कर उससे नकली नोट बनाने वाले एक्सपर्ट को डिटेक्टिव स्टाफ ने गिरफ्तार किया है। आरोपी सौ सौ रुपये के नकली नोट जगाधरी में सप्लाई करने आ रहा था। मौके से आरोपी के पास 25100 रुपये के एक की सीरिज के सौ सौ रुपये के नकली नोट बरामद किए गए। इसके बाद पुलिस ने कंप्यूटर सेंटर से 500-500 के चार, सौ-सौ रुपये के 400 व 50-50 रुपये के नौ नकली नोट बरामद किए गए। ज्यादातर नोट एक ही सीरीज के थे। पूछताछ में आरोपी ने धंधे में संलिप्त अपने कुछ साथियों के नाम बताए है। पुलिस इन आरोपियों को तलाश करने में जुटी हुई है। आरोपी को सोमवार को कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उसे रिमांड पर लिया गया है। रिमांड के दौरान आरोपी से अब तक बनाई गई नकली करेंसी के बारे व उसके साथियों के बारे में पूछताछ की जाएगी।
डिटेक्टिव स्टाफ के कार्यवाहक इंचार्ज एसआई जय पाल को रविवार देर शाम सूचना मिली भंभौली निवासी रूबी सिंह उर्फ रवि ने बिलासपुर में नेशनल कंप्यूटर सेंटर खोला हुआ है। आरोपी यहां अपने साथियों के साथ मिलकर जाली करेंसी तैयार कर उसे विभिन्न शहरों में चलाता है। आरोपी इस समय अपनी बाइक पर जाली करेंसी लेकर बिलासपुर से जगाधरी की तरफ आएगा, अगर नाकाबंदी की जाए तो आरोपी काबू आ सकता है। सूचना के आधार पर एसआई जय पाल ने एएसआई धर्मपाल, मुख्य सिपाही अनिल कुमार, सुखदेव व सिपाही कुलदीप के साथ मिलकर बिलासपुर रोड पर जिला जेल जगाधरी के पास नाकाबंदी करके जांच शुरू कर दी। कुछ देर बाद बताई गई बाइक पर आरोपी रुबी सिंह आता दिखाई दिया। पुलिस ने आरोपी को तुरंत रोक काबू किया और तलाशी लेने पर उसके कब्जे से 100-100 रुपये के कुल 25100 रुपये के जाली नोट बरामद हुए और चेक करने पर सभी नोट एक ही सीरियल नंबर के पाए गए। मामले की सूचना थाना शहर जगाधरी पुलिस को दी गई। पुलिस ने मामले में आरोपी रूबी उर्फ रवि के खिलाफ आईपीसी की धारा 389ए, 389बी, 389सी के तहत केस दर्ज किया गया।
साथियों संग मिलकर चार माह से कर रहा था धंधा
पकड़े गए आरोपी रुबी सिंह ने पुलिस की गहन पूछताछ में बताया उसने करीब सात-आठ साल पहले बिलासपुर में नेशनल कंप्यूटर सेंटर खोला था। करीब चार माह पहले उसने प्रिंटर से हूबहू प्रिंट निकलते देखे। जिससे असली व नकली में फर्क करना बहुत मुश्किल था। उसके मन में नोट स्कैन कर दूसरे नोट बनाने का आईडिया आया। आरोपी रुबी ने बताया करीब चार माह से अपने सहसाथी बालछप्पर निवासी रमेश कुमार उर्फ बिल्लू, गांव चाहड़वाला निवासी अशोक कुमार उर्फ शोकी के साथ मिलकर अपने सेंटर पर ही जाली करेंसी तैयार करनी शुरू कर दी। जारी करेंसी तैयार कर उन्होंने उसे विभिन्न शहरों में चलाना शुरू कर दिया।
कंप्यूटर सेंटर से 42450 की नकली करेंसी बरामद
पकड़े गए आरोपी रुबी सिंह से पूछताछ के बाद उसके कंप्यूटर सेंटर बिलासपुर पर पुलिस ने जांच की। जहां से 500-500 के चार नोट व 100-100 के 400 नोट व 50-50 रुपये के नौ नोट नकली करेंसी यानि कुल रकम 42450 रुपये और बरामद किए गए। एसआई जय पाल ने बताया पकड़े गए आरोपी रुबी सिंह से कुल 67550 रुपये की जाली करेंसी बरामद की जा चुकी है। इसके अलावा आरोपी के सेंटर बिलासपुर से नकली करेंसी बनाने में इस्तेमाल किया गया लैपटाप, प्रिंटर, कटर व अन्य उपकरण भी बरामद कर लिए गए है।
हरियाणा व यूपी के शहरों में चलाते थे नकली करेंसी
पूछताछ में आरोपी रूबी उर्फ रवि ने बताया उसके कंप्यूटर सेंटर पर ही सारी करेंसी बनाई जाती थी। असली नोट को स्कैन कर प्रिंटर से नकली नोट बनाया जाता था। यहां रूबी अपने साथियों के साथ मिलकर नोट तैयार करता था। इसके बाद इस हरियाणा के जगाधरी, यमुनानगर व अन्य शहरों और उत्तर प्रदेश के देहरादून, सहारनपुर व अन्य शहरों में चलाते थे।
हजारों नोट कर चुके है तैयार, ढाई लाख चलाए बाजार
पूछताछ में रूबी सिंह उर्फ रवि ने बताया कि उसने ग्रेजूएशन पास की है। साथ-साथ कंप्यूटर डिप्लोमा किया था। वह आठ साल से बिलासपुर में नेशनल कंप्यूटर सेंटर चलाता है। करीब चार माह पहले उसने नकली नोट बनाने का काम शुरू किया। अब तक कई हजार नोट बना दिए है। अब तक करीब ढाई लाख रुपये की नकली करेंसी बनाकर बाजार में चला भी दी।
पकडे़ गए आरोपी रूबी को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया गया है। रिमांड के दौरान आरोपी से अन्य खुलासे होने की संभावना है। इसके अलावा आरोपी के अन्य साथियों को पकड़ने के लिए भी दबिश दी जा रही है। इस गिरोह में कितने लोग शामिल है, यह खुलासा भी रिमांड के दौरान ही होगा।
- राजेश कालिया, एसपी, यमुनानगर।