यमुनानगर। 22 वार्डों वाले नगर निगम के पार्षदों ने बुधवार को जिमखाना क्लब में हुई सदन की बैठक में अधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। पार्षदों ने नगर निगम की मेयर सुमन बहमनी, निगम आयुक्त महाबीर प्रसाद के सामने ही आरोप लगाया कि अधिकारी उनकी नहीं सुनते। इस पर आयुक्त ने नगर निगम के एक जेई को सस्पेंड कर दिया और दो सीएसआई को शोकॉज नोटिस जारी करने को कहा।
पार्षद विक्रम राणा, प्रियांक शर्मा, जयंत स्वामी, अरुण कुमार, श्याम लाल, संदीप धीमान ने कहा कि जो काम 15 दिन में हो जाना चाहिए वह उनके शिकायत या सूचना देने के बाद भी नहीं होता। मनोनीत पार्षद सीमा गुलाटी ने काफी समय तक फैमिली आईडी ठीक नहीं होने का आरोप लगाया। इस पर एक के बाद एक सभी पार्षद बोलने लगे कि जगाधरी में जेई पंकज लोगों की सुनवाई नहीं करते। नगर निगम के एक्सईएन विकास धीमान ने भी कहा कि जेई पंकज की रिपोर्ट शून्य है। इस पर निगमायुक्त ने पंकज को सस्पेंड कर दिया। हालांकि दोपहर के भोजन के बाद जब बैठक दोबारा शुरू हुई तो जेई पंकज ने सस्पेंड न करने की गुहार लगाई। इस पर आयुक्त ने एई मृणाल जायसवाल की अध्यक्षता में कमेटी बनाकर पंकज के छह माह के कार्यों की रिपोर्ट देने को कहा। वहीं एक पार्षद की शिकायत पर शहर में पशु डेयरियाें को बाहर नहीं निकालने पर आयुक्त ने सदन में पूरा रिकॉर्ड नहीं लाने और कार्य से संतुष्ट नहीं होने पर सीएसआई विनोद बैनीवाल और सीएसआई हरजीत सिंह को शोकॉज नोटिस जारी करने को कहा। इसी तरह बैठक में अवैध कॉलोनियों का रिकॉर्ड नहीं लाने पर डीटीपी कार्यालय के कर्मचारी रवि दत्त को भी आयुक्त ने वापस भेज दिया। संवाद