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जिले के वन क्षेत्रों से कई राज्यों की फैक्ट्रियों में पहुंच रही खैर!

Fri, 17 Mar 2017 12:19 AM IST
yamuna nagar beauro
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j - फोटो : amar uajala, yamuna nagar
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जिले के वन क्षेत्रों से चोरी-छिपे व विभाग की मिलीभगत से खैर की लकड़ी की तस्करी हो रही है, जिसे हरियाणा समेत अन्य कई राज्यों की फैक्ट्रियों में बेचा जा रहा है। यह सब फर्जी फर्मों के नाम पर बिल काटकर तस्करों द्वारा अंजाम दिया जा रहा है। इसका खुलासा एसआईटी की जांच में वन रेंज अधिकारी की मिलीभगत सामने आने से हुआ। मामले में वन रेंज अधिकारी सर्वजीत सिंह समेत फर्जी बिल मुहैया कराने वाले यूपी के तुलसीपुर निवासी चरणस्वरूप को गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया गया है। इसके बाद से विभाग के अन्य अधिकारियों व कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है। पुलिस की मानें तो 21 मामलों की जांच जारी है और वन रेंज अधिकारी के अलावा इनमें स्थानीय व अन्य राज्यों के विभागीय अधिकारियों व कर्मियों के साथ कई फर्मे भी शामिल हो सकती हैं।
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बता दें कि खिजराबाद व छछरौली क्षेत्र से खैर तस्करी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं और वन विभाग इन पर अंकुश लगाने में पूरी तरह से नाकाम साबित हो रहा है। हालांकि वन विभाग द्वारा खैर तस्करों के खिलाफ मामले दर्ज कराए जाते हैं, किंतु जंगल से बार-बार भारी मात्रा में खैर की लकड़ी को काटकर उन्हें वाहनों से बाहर ले जाना, अपने आप में विभाग पर प्रश्रचिह्न लगाता है। पिछले कुछ माह से जंगल से खैर चोरी और तस्करी के दर्जनों मामले हो चुके हैं। इनमें से अधिकांश में विभाग के हाथ तस्करों द्वारा छोड़े गए खैर के पेड़ के अवशेष लगे तो कई में  खैर तस्करों और वन विभाग के कर्मचारियों की मुठभेड़ हुई। बावजूद इसके आरोपी तस्कर मौके से फरार हो जाते हैं।

गाड़ियों पर लिखे नंबर भी होते हैं फर्जी
एसआईटी की जांच में पाया गया कि खैर तस्करों द्वारा खिजराबाद व छछरौली में फर्जी फर्में बना रखी हैं और इन्हीं फर्मों से बिल बनाकर खैर तस्करों को दिए जाते हैं। फिर तस्कर चोरी से खैर की लकड़ी काटकर फर्जी बिलों के आधार पर उसे हरियाणा, हिमाचल, पंजाब, उत्तराखंड व दिल्ली से नेपाल तक की फैक्ट्रियों में बेच देते हैं। फर्जी बिलों पर जो गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन नंबर लिखे होते हैं, उनमें कुछ रजिस्ट्रेशन नंबर बाइक व स्कूटरों के पाए गए। यह गाडिय़ों भी फर्जी फर्मों की होती हैं। जांच पुख्ता होने पर एसआईटी द्वारा खैर तस्करी में मिलीभगत के लिए वन रेंज अधिकारी सर्वजीत सिंह व फर्जी बिल मुहैया कराने पर यूपी में तुलसीपुर के चरणस्वरूप को पकड़ा गया।
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-सर्दी बढ़ने पर दिसंबर माह में अंजाम दिए आधा दर्जन से अधिक मामले-
7 दिसंबर को ताजेवाला से पांच क्विंटल खैर की लकड़ी के साथ एक तस्कर काबू किया।
9 दिसंबर को जिला वन अधिकारी ने गश्त के दौरान जंगल में घूमती अंजान गाड़ी को काबू में लिया।
11 दिसंबर को ताजेवाला के पास फैजपुर बीट से खैर से भरे दो कैंटर और एक ट्रक को पकड़ा।
13 दिसंबर को खान्नूवाला बीट से खैर तस्करों ने खैर के चार पेड़ काटे।
17 दिसंबर को मलिकपुर बांगर की पंचायती जमीन से खैर तस्करों ने लगभग तीन सौ खैर के पेड़ काट लिए गए, जिनकी सूचना उच्चाधिकारियों तक भी गई।
18 दिसंबर को भी कलेसर विश्राम गृह के सामने से खैर तस्करों ने खैर के दर्जनों पेड़ों पर कुल्हाड़ा चलाया।
26 दिसंबर को बिलासपुर की एक पंचायती जमीन से खैर के पेड़ों को काटने का मामला सामने आया, जिसमें खैर तस्करों ने सरपंच को घायल कर दिया।
27 दिसंबर को ताजा मामले में वन दरोगा कमल सैनी ने खैर से भरा कैंटर पकड़ा और वन दरोगा की खैर तस्करों के साथ मुठभेड़ भी हुई।
 
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