रणजीतपुर-बिलासपुर मुख्य मार्ग पर कोर्ट परिसर के समीप स्थित वन विभाग के जंगल में बुधवार दोपहर बाद अचानक आग लग गई। सूचना पाकर पहुंची दमकल विभाग की टीम ने तीन गाड़ियों की मदद से करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक लाखों रुपये की वन संपदा जलकर राख हो गई। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है।
दमकल विभाग के अधिकारी दीपचंद ने बताया कि उन्हें बिलासपुर दमकल कार्यालय पर करीब दो बजे रणजीतपुर-बिलासपुर मुख्य मार्ग पर कोर्ट परिसर के समीप स्थित वन विभाग के जंगल में आग लगने की सूचना मिली। वह अपनी गाड़ी लेकर मौके पर पहुंचे, किंतु आग इतनी भीषण हो चुकी थी कि मौके पर एक गाड़ी छछरौली व एक गाड़ी जगाधरी से मंगवाई गई। विभागीय टीम ने करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद तीन गाड़ियों की मदद से आग पर काबू पा लिया। तब तक जंगल में लाखों रुपये की वन संपदा को आग ने चपेट में ले लिया था।
जंगल घना होने पर भी नहीं कोई फायर लाइन:
आग जहां लगी, वह जंगल काफी घना है। इसके बावजूद यहां कोई फायर लाइन नहीं है, जिसकी मदद से आग लगने पर उस पर तुरंत काबू पाया जा सके। दमकल विभाग के अधिकारी दीपचंद ने कहा कि इतने बड़े जंगल में फायर लाइन का होना जरूरी है। अगर जंगल में फायर लाइन होती तो आग पर जल्द काबू पाया जा सकता था और वन संपदा के नुकसान को बचाया जा सकता था।
-पास में था पेट्रोल पंप व पड़ा था कबाड़ का सामान, हो सकता था बड़ा हादसा-
रणजीतपुर-बिलासपुर मुख्य मार्ग पर कोर्ट परिसर के समीप स्थित वन विभाग के जंगल में जहां आग लगी उसके ठीक सामने एक पट्रोल पंप है और साथ ही गांव अहड़वाला के सतीश के घर पर लाखों रुपये का कबाड़ का सामान रखा है। गनीमत रही की पेट्रोल पंप व कबाड़ का सामान आग की चपेट में आने से बच गया। अगर आग उस ओर रूख कर लेती तो बड़ा हादसा हो सकता था। वहीं, चार घंटे तक सुलगती आग को काबू पाने के लिए मौके पर दमकल विभाग के कर्मचारी तो पहुंच गए, किंतु वन विभाग का किसी अधिकारी व कर्मचारी ने मौके पर पहुंचने की जहमत नहीं उठाई।