बाप और बेटी के रिश्तों पर आधारित फिल्म सतरंगी बताती है कि अगर बेटियों को शिक्षित किया जाए तो वह भी बेटों की तरह ही परिवार का सहारा बन सकती है। फिल्म इस सोच को तोड़ने की कोशिश की गई है कि बेटियां बोझ या पराया धन होती है। फिल्म के प्रमोशन के लिए आए फिल्म अभिनेता यशपाल शर्मा और निर्देशक संदीप शर्मा ने पत्रकारों से बातचीत में यह जानकारी दी। उनके साथ इस हरियाणवी फिल्म के निर्देशक, कलाकार भी थे।
डीएवी पब्लिक स्कूल में संदीप शर्मा ने बताया कि फिल्म बाप और बेटी के समर्पण और त्याग को लेकर बनाई है। साथ ही हरियाणा की मूल समस्या कन्या भ्रूण हत्या को भी मुद्दा बनाया है। फिल्म की निर्माता फिल्म के निर्देशक संदीप शर्मा की पत्नी पूनम देशवाल है। जिन्होंने छोटे बजट में एक बेहतरीन फिल्म बनाकर उसे नेशनल अवार्ड तथा बेस्ट हरिवाणवी फिल्म का तमगा दिलवाया है। संदीप शर्मा ने बताया कि हरियाणा पृष्ठभूमि औरहरियाणवी कलाकारों को लेकर बनाई गई इस फिल्म की शूटिंग जींद, करनाल और गोहाना में हुई है। देश के सिनेमाघरों में फिल्म 26 अगस्त को रिलीज हो रही है। फिल्म में अभिनेत्री गीता अग्रवाल शर्मा भी काम कर रही हैं, जो कि यमुनानगर से हैं। फिल्म में उन्होंने हीरोइन की सौतेली मां का किरदार निभाया है जो कि पति द्वारा कोख में पल रही बेटी की हत्या की मंशा भाप कर पति से अलग हो जाती है। तथा फिर बेटी को जन्म देकर उसका पालन-पोषण करती है। फिल्म में सौतेली मां होते हुए भी वह हीरोइन की दोस्त मां है।
सतरंगी में है रिश्तों के सभी रंग : यशपाल शर्मा
फिल्म में कला और मोशन फिल्मों के मशहूर अभिनेता हिसार के यशपाल शर्मा ने काम किया है। इससे फिल्म को हाइट मिली है। पिता परम के किरदार को फिल्म में उन्होंने बड़ी संजीदगी से जिया है। अपने शुरूआती दौर की फिल्म जॉनी-जॉनी यस पापा के काफी समय बाद यशपाल दोबारा इमोशनल भूमिका में नजर आए हैं। यशपाल शर्मा ने बताया कि फिल्म का सतरंगी नाम इसलिए है क्योंकि इसमें रिश्तों के सभी रंग हैं। फिल्म रोमांस, कामेडी, ड्रामा, एक्शन से भरपूर है। फिल्म में पिता से प्रभावित बेटी में पिता के सभी संस्कार हैं। वह शहर में हिंदी-इंग्लिश में और गांव पहुंचती है तो हरियाणवी भाषा में बात करती है। सतरंगी फिल्म से डेब्यू कर रही फिल्म की हीरोइन नरर्गिस नांदल रोहतक से हैं। दिल्ली से पांच साल तक थिएटर में खुद को मांजकर अपनी पहली ही फिल्म रिया का किरदार निभाकर फिल्म को आवार्ड के लायक बना दिया है। दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक नरर्गिस ने बताया कि काफी समय बाद 16 दिन तक हरियाणा में रही और अपनी पुरानी यादें ताजा करती रही। इससे माटी का कर्ज अदा करने की कोशिश की जा रही है। फिल्म के हीरो दिल्ली के पीरगढ़ी निवासी सचिन शौकीन, हीरोइन रिया के पिता परम के दोस्त के रोल में रोहतक के नवीन ओहल्यान, कई बड़े बैनर की फिल्मों में चोटी के सितारों के साथ काम कर चुके हैं। अन्य कलाकारों में महाबीर गुड्डु, अमित जयरथ, सागर सैनी हैं। फिल्म में संगीत दिया है रोहित शर्मा ने, गीत लिखे हैं कृष्ण भारद्वाज ने। डॉयलॉग महिपाल सैनी और अमित दहिया के हैं।
हम सरकार के भरोसे नहीं है
यमुनानगर। अमर उजाला से बात करते हुए यशपाल शर्मा ने कहा कि हरियाणवी फिल्मों के प्रचार-प्रसार को लेकर हरियाणा के कलाकार बहुत गंभीर हैं। इस सिलसिले में पिछली सरकार से और वर्तमान सरकार से भी बातचीत हुई। मुख्यमंत्री ने हरियाणवी फिल्मों पर सब्सिडी देने की बात भी कही है। देखा जा रहा है कि सतरंगी के रिलीज में वर्तमान सरकार क्या सुविधा देती है। उन्होंने कहा कि सरकार अगर हरियाणा में फिल्मों की शूटिंग, प्रमोशन और प्रचार-प्रसार में सहयोग दे तो अच्छी बात है। नहीं मिला तो भी हरियाणा का प्रचार-प्रसार फिल्मों के माध्यम से किया जाएगा। हम सरकार के भरोसे नहीं बैठे हैं।