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Yamunanagar: पांच ट्रालियों में लावारिस गोवंशों को लेकर तहसील कार्यालय पहुंचे किसान, दो घंटे दिया धरना

Mon, 18 Dec 2023 05:31 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, यमुनानगर (हरियाणा)

सार

गोवंश से परेशान किसान बोले कि लावारिस गोवंशों ने खेतों में खड़ी फसलों को उजाड़ दिया है। किसानों व सरपंचों ने तहसील कार्यालय में अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी।
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प्रदर्शन करते किसान। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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यमुनानगर में लावारिस गोवंश लोगों के लिए बड़ी समस्या बन गए हैं। गोवंश सड़क के बीचोबीच बैठ कर यातायात पर ब्रेक लगा देते हैं तो कभी हिंसक होकर लोगों को घायल कर देते हैं। किसानों का कहना है कि यमुनानगर जिले में शहर से लेकर गांवों तक में लावारिस गोवंश की भरमार है। पूरे जिले में शहर से लेकर कस्बों में तीन हजार से अधिक गोवंश सड़कों पर भटक रहे हैं।

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इसपर सोमवार को साढौरा क्षेत्र के किसानों व सरपंचों का गुस्सा फूट पड़ा। किसान पांच ट्रैक्टर-ट्रालियों में 42 गोवंशों को लेकर तहसील कार्यालय में पहुंच गए। तहसील में पशुओं को देख कर हर कोई हैरान रह गया। देखते ही देखते किसानों ने तहसील परिसर में दरी बिछा ली और नारेबाजी करने लगे। मौके पर पुलिस भी पहुंच गई।

किसान गोवंश को तहसील कार्यालय के अंदर ले जाना चाहते थे, लेकिन बाद में निर्णय बदल दिया गया। दो घंटे तक चले धरने के बाद नायब तहसीलदार भारत भूषण के निर्देश पर इन गोवंशों को गोशाला पहुंचाने का आश्वासन दिया। 42 गोवंशों में से 31 को आदिबद्री व 11 गोवंश को साढौरा की श्री श्याम गोशाला में छोड़ा गया।
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भाकियू चढूनी ग्रुप के प्रदेश उपाध्यक्ष संजीव सैनी के नेतृत्व में किसानों ने तहसील कार्यालय परिसर में धरना प्रदर्शन कर सरकार व प्रशासन के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की। संजीव सैनी ने बताया कि इन बेसहारा गोवंशों ने किसानों की गेहूं, सब्जियों में गोभी, आलू, मूली व पालक के अलावा बरसीम की फसलों का उजाड़ कर रख दिया है।

किसान अपनी फसलों को बचाने के लिए दिनरात अपने खेतों में पहरा देने को मजबूर हैं। एक तरफ तो किसान पहले ही अपनी फसलों के कम दाम मिलने से आर्थिक तंगी से जूझ रहा है तो वहीं दूसरी तरफ बेसहारा गोवंश किसानों की खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं।

जिला परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष अनिल संधू ने कहा कि इतनी ठंड में किसान अपनी फसलों को बचाने के लिए दिनरात खेतों में पहरा दे रहे हैं। यह बेसहारा गोवंश रात को खेतों की फसलों को विचरने के बाद सुबह सड़कों पर आकर बैठ जाते हैं।
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सड़कों पर झुंड बनाकर बैठने के कारण जाम की स्थिति बन जाती है और कई बार दोपहिया वाहन चालक चोटिल भी हो जाते हैं। मौके पर सुरेश राजपुर, रिंकू राजपुर, दर्शन कनीपला, गुरमेज नंबरदार, राजकुमार, अमरजीत सरांवा, रामकुमार, सुखविंद्र सिंह, विनोद पहाड़ीपुर, रणबीर मानकपुर, जसबीर शामपुर, सरपंच अनिल कनीपला, सरपंच अमन संधू, सरपंच सतीश राजपुर व सुरेंद्र सरांवा मौजूद रहे।

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