चीनी के बढ़ते दामों के बीच जमाखोरी रोकने के लिए जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग अलर्ट हो गया है। चीनी का भाव 65 रुपये प्रति किलो तक पहुंचने के बाद विभाग ने दुकानों और गोदामों में चीनी के स्टॉक की जांच के लिए आठ टीमों का गठन किया है। विभाग की टीमें व्यापारियों और दुकानदारों के यहां स्टॉक की जांच करेंगी। नियमों का उल्लंघन मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक (डीएफएससी) नितिश सिंगला ने व्यापारियों और दुकानदारों को इस संबंध में पत्र जारी किया है। पत्र के माध्यम से सभी व्यापारियों से उन गोदामों की जानकारी मांगी गई है, जहां चीनी का स्टॉक रखा जाता है। विभाग ने स्टॉक की पूरी जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं, ताकि चीनी की उपलब्धता और बाजार में आपूर्ति पर नजर रखी जा सके।
4000 क्विंटल से ज्यादा नहीं रख सकेंगे स्टॉक
विभाग के निर्देश के अनुसार कोई भी व्यापारी 4000 क्विंटल से अधिक चीनी का स्टॉक नहीं कर सकेगा। इससे अधिक स्टॉक मिलने पर संबंधित व्यापारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। विभाग की टीमें बाजार और गोदामों में जाकर स्टॉक का भौतिक सत्यापन भी करेंगी। अधिकारियों के अनुसार चीनी के दाम बढ़ने के दौरान जमाखोरी की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे में विभाग की ओर से स्टॉक पर लगातार निगरानी रखी जाएगी।व्यापारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वह निर्धारित सीमा के भीतर ही चीनी का भंडारण करें
रोजाना देनी होगी खरीद-बिक्री की सूचना
डीएफएससी की ओर से व्यापारियों को चीनी की खरीद और बिक्री की जानकारी भी रोजाना विभाग को देने के निर्देश दिए गए हैं। इससे विभाग को जिले में चीनी के कुल स्टॉक और बाजार में उसकी आवक-जावक का रिकॉर्ड रखने में मदद मिलेगी। विभाग की आठ टीमें अलग-अलग क्षेत्रों में दुकानों और गोदामों का निरीक्षण करेंगी। उनका कहना है कि जांच का मुख्य उद्देश्य चीनी की कृत्रिम कमी पैदा कर कीमतें बढ़ाने की कोशिश और जमाखोरी पर रोक लगाना है। व्यापारियों को निर्देशों का पालन करने और मांगी गई जानकारी समय पर उपलब्ध कराने को कहा गया है।