सरस्वती शुगर मिल परिसर में कार्यालय की मांग को लेकर शुगर मिल की दो कर्मचारी यूनियन आमने सामने हो गई। एक यूनियन ने जहां लघु सचिवालय में प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेज अपनी मांग रखी। वहीं दूसरी यूनियन ने 22वें दिन भी अपना धरना जारी रखा। दोनों यूनियन ने अपनी मांग को जायज ठहराते हुए एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाए। यूनियनों के प्रदर्शन के दौरान लघु सचिवालय में पुलिस बल तैनात रहा।
सरस्वती शुगर मिल मजदूर यूनियन के काफी संख्या में सदस्य प्रधान हाकम सिंह के नेतृत्व में बुधवार सुबह लघु सचिवालय परिसर में पहुंचे। यहां उन्होंने जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन करते हुए कर्मचारी नेशनल हाईवे से होते हुए लघु सचिवालय पहुंचे और जमकर प्रदर्शन किया। कर्मचारी डीसी को ज्ञापन देने आए थे, लेकिन उनका ज्ञापन लेने के लिए तहसीलदार दर्शन कुमार पहुंचे। यूनियन नेताओं ने उन्हें मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया। ज्ञापन में कहा उनकी यूनियन ही सही यूनियन है, जिसे शुगर मिल परिसर में कार्यालय मिला हुआ है, लेकिन पिछले कुछ समय से शुगर मिल में कुछ लोगों ने शुगर मिल मजदूर यूनियन के नाम से दूसरी यूनियन बनाकर जिला सचिवालय के समक्ष धरना देकर उनके कार्यालय पर कब्जा करने के लिए मांग की जा रही है, जो सरासर गलत है। उन्होंने मुख्यमंत्री व प्रशासन से उनकी यूनियन के कार्यालय को किसी भी सूरत में दूसरी यूनियन को नहीं दिए जाने की मांग की।
उधर, शुगर मिल लेबर यूनियन ने शुगर मिल में कार्यालय दिलाने की मांग को लेकर 22वें दिन भी जिला सचिवालय के समक्ष धरना जारी रखा। प्रधान कुशल पाल व महासचिव गोरख नाथ यादव ने कहा कि उनकी यूनियन रजिस्टर्ड है। जिसका नंबर 332 है। अगर उनको ऐसा लगता है कि उनकी संख्या ज्यादा है तो किसी भी पैमाने से या किसी भी तरीके से वेरीफिकेशन करा लो। उनकी यूनियन ही असली यूनियन है। मौके पर भारतीय मजदूर संघ के नेता रामतीर्थ, कुशल पाल, गौरख नाथ, रामकुमार रहेल, गुरनाम, ओमप्रकाश, कंवरपाल, राम सरीख आदि ने संबोधित किया।