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आरोपी की गिरफ्तारी हो जाती तो परिजन नहीं करते बेटी से किनारा

Thu, 11 May 2017 12:21 AM IST
yamunanagar beuro
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g - फोटो : yamunanagar
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दुष्कर्म के बाद बिन ब्याही मां बनी युवती और उसका परिवार दो हिस्सों में बंट गया। एक तरफ युवती अस्पताल में अपने बेटे को पिता के नाम की जंग लड़ रही है। उधर बच्चे को जन्म देने के बाद युवती के परिजनों ने उससे किनारा कर लिया। ये सब हालात प्रशासन द्वारा समय पर कार्रवाई न करने पर पैदा हुई। परिजनों ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए सम्बंधित थाना एसएचओ से लेकर एसपी और मुख्यमंत्री से लेकर प्रधानमंत्री तक को शिकायतें भेजी। लेकिन पुलिस ने दुष्कर्म के आरोपी को पकड़ने का प्रयास नहीं किया। परिजनों का आरोप है कि पुलिस अधिकारियों ने उन्हें कहां कि कहीं भी शिकायत भेज दो घूमकर उनके पास ही आनी है और जो पुलिस लिखेगी कोर्ट भी उसी पर विश्वास करेगी।
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दुष्कर्म पीड़िता द्वारा बेटे को जन्म देने के बाद पीड़िता के दादा बुधवार को सिविल अस्पताल में दर्जनों शिकायतों से भरा बैग लेकर पहुंचे। डीएसपी उषा कुंडू के समक्ष उसने सभी शिकायतों का हवाला देते हुए पुलिस को खूब खरी खोटी भी सुनाई। उनका कहना था कि यदि पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार कर लेती तो शायद उनकी पोती इस हालात में नहीं पहुंचती। कहा 20 मार्च को थाना सदर जगाधरी, इसके बाद महिला थाना पुलिस, सात अप्रैल को सीएम विंडों के माध्यम से मुख्यमंत्री, 12 अप्रैल को पुलिस अधीक्षक, 24 अप्रैल को प्रधानमंत्री, 24 अप्रैल को ही मानव अधिकार आयोग व 25 अप्रैल को डीआईजी को शिकायत दी। लेकिन आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया। इस दौरान वह कई बार पुलिस अधिकारियों को मौखिक रूप से भी मिले। उन्हें यह कहकर धमकाया गया कि कोर्ट तक पुलिस के दम पर चलती है और पुलिस के आगे सब कुछ फेल है। इस मामले में पैसा तो अपना काम कर ही रहा है राजनीतिक दबाव भी आरोपियों का साथ दे रहा है। तभी नीचे से लेकर उपर तक हर जगह धक्के खाने के बाद भी उन्हें इंसाफ नहीं मिल पा रहा है और उसकी पोती के दुष्कर्म आरोपी सरेआम घूम रहे है।

 
समाज का हवाला देकर पोती से किया किनारा
मां बनना किसी महिला के लिए कितना सुखदाई होता है, यह महिला ही समझती है। लेकिन यहां मां बनना युवती के लिए अभिशाप बन गया। उसके मां बनते ही उसके परिजनों ने उसे अपनाने से इनकार कर दिया। समाज में बदनामी का हवाला देकर पीड़िता के दादा ने एलान किया कि वह अपनी पोती और उसके द्वारा जन्म दिए गए बच्चे को नहीं अपनाएंगे। जब तक उनकी बेटी का आरोपी गिरफ्तार नहीं होता तब तक वह अपनी बेटी को अस्पताल से नहीं ले जाएंगे।
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आरोपी ने बेटी से पुलिस ने उनके साथ किया धोखा
दुष्कर्म पीड़िता के पिता ने उसकी 19 वर्षीय बेटी को गांव के ही एक युवक ने पहले प्रेम जाल में फंसा शादी का झांसा देकर उसकी इज्जत के साथ खेलता रहा। जब उसकी बेटी गर्भवती हो गई तो आरोपी ने उससे अपना पल्ला झाड़ लिया और उसे धोखा देकर अपनी जिंदगी से बाहर कर दिया। वहीं जब वे आरोपी के खिलाफ कार्रवाई को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों के पास गए तो उन्होंने भी कार्रवाई के नाम पर उनसे धोखा किया। पहले तुरंत आरोपी की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया। लेकिन दो माह तक भी आरोपियों की गिरफ़्तारी न कर उनके साथ धोखा किया।

 
बीते दिनों हुए दुष्कर्म की मुख्य वारदातें
जिले में दुष्कर्म की वारदातों से शहरवासियों में रोष है। बुधवार को जम्मू कॉलोनी में बच्ची से दुष्कर्म पर भड़की महिलाओं ने रोष मार्च निकाला। सात मई को जम्मू कॉलोनी में किराए पर रह रहे प्रवासी युवक ने सवा एक साल की बच्ची से दुष्कर्म किया था। इससे पहले 24 अप्रैल को भी लाजपतनगर में किराये पर रहे रहे एक प्रवासी युवक जगन्नाथ ने ढाई साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म किया था। दुष्कर्म के बाद से क्षेत्र के लोगों में रोष है। इससे पहले भी दुष्कर्म के बहुत से मामले प्रकाश में आए हैं।
 
दुष्कर्म के आरोपी को पकड़ने के लिए डिटेक्टिव स्टाफ की जिम्मेवारी लगा दी गई है। इसके लिए जल्द टीम का गठन कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। जहां तक पीड़ित युवती व उसके बच्चे को अपनाने की बात है, इस बारे में चाइल्ड प्रोटेक्शन टीम कार्रवाई कर रही है।
- उषा कुंडू, डीएसपी, यमुनानगर।
 


दुष्कर्म के विरोध में महिलाओं ने निकाला रोष मार्च
जगाधरी वर्कशाप। जम्मू कालोनी में दो दिन पहले सवा साल की बच्ची से दुष्कर्म के विरोध में महिलाओं ने रोष मार्च निकाला। जिसमें इस केस में चार्जशीट दस दिन के अंदर करने तथा आरोपी को फांसी की सजा दिलवाने की मांग की गई। प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व निगम पार्षद निर्मला चौहान ने किया।
रोष मार्च जम्मू कालोनी से शुरू होने वाली लाड़ली रोड से किया गया। यहां शाम करीब छह बजे महिलाएं एकत्रित हुई और रोष मार्च कालोनी में बने लाडो पार्क पर संपन्न हुआ। रोष मार्च में महिलाओं ने लाडली हम शार्मिंदा है, तेरे गुनगहार जिंदा है के नारे भी लगाए। पार्षद चौहान ने बताया कि उनकी मांग है कि इस मामले में पुलिस दस दिन के भीतर चार्जशीट पेश करे और केस को मजबूत करे। जिससे आरोपी को फांसी की सजा मिले। इसी तरह पुलिस जिले में रह रहे किरायदारों की जानकारी जुटाने के लिए सर्वे करवाए और अपराधी की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। उन्होंने बताया कि जल्द ही महिलाएं रात को एकत्रित होकर अभियान चलाएंगी। जिसमें सड़क पर शराब पीने वाले के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसी तरह महिलाओं को जागरूक भी किया जाएगा कि वह अपने आसपास भी नजर रखे और संदिग्ध व्यक्ति की जानकारी पुलिस को दे। रोष मार्च में शारदा, रेखा, बब्ली, किरण, जसविंद्र, मनजीत, अनीता, कुसुम, आशा सहित बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुई।
ध्यान रहे कि रविवार रात को एक शादीशुदा व्यक्ति ने सवा साल की बच्ची से दुष्कर्म किया था। बच्ची के माता पिता अपने रिश्तेदार को लेकर अस्पताल गए थे और पीछे से बच्ची को आरोपी की देख रेख में ही छोड़ कर गए थे। मगर आरोपी ने शराब पीकर बच्ची के साथ दुष्कर्म कर दिया था। मौके पर गुस्साएं लोगों ने आरोपी की जबरदस्त पिटाई की थी और उसे पुलिस को सौंप दिया था। इसी मामले में मेयर व वार्ड पार्षद के नेतृत्व में लोगों ने लघु सचिवालय में भी प्रदर्शन किया था।
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