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डेयरी में पेठा बनाते पकड़ा, कही बीड़ी तो कही मिले कीट

Wed, 11 Nov 2015 12:00 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/यमुनानगर
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स्वास्थ्य विभाग की टीम ने तेजली खेल परिसर के पीछे गधौली स्थित तीन पेठा फैक्ट्रियों में छापा मारा। छापे में गंदगी के बीच पेठा बनाते हुए कर्मचारी पाये गए। वहीं, एक फैक्ट्री में कर्मचारी पशुओं की डेयरी के बीच पेठा बनाते हुए मिले। एक जगह बनाए जा रहे पेठे में टीम को बीड़ी पड़ी मिली। यह देख विभाग के अधिकारी भी हैरान रह गए। टीम ने फैक्ट्रियों से पेठे के सैंपल भरवाएं। जिन्हें जांच के लिए लैब भेजा गया।
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डिप्टी सीएमओ डॉ. वीके जैन के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मंगलवार को गधौली कॉलोनी के नजदीक स्थित पेठा फैक्ट्रियों में दबिश दी। टीम में डॉ. अनूप, मुकेश व हरपाल थे। सबसे पहले टीम कमल पेठा फैक्ट्री में गई। यहां अधिकारियों ने कुछ कर्मचारियों को गंदगी के बीच कच्चा पेठा काटते हुए देखा, जिस पर मक्खियां बैठी थी। इसके बाद जहां उसे पकाया जा रहा था, वहां पर भी गंदगी जमा थी और काफी बदबू फैली थी। वहीं, जहां तैयार मिठाई को रखा जा रहा था, वहां भी मक्खियां थी। खुले में मिठाई बनाई जा रही थी। टीम अधिकारियों ने तुरंत फैक्ट्री से मिठाई के सैंपल भरवाए। टीम ने यहां पान पेठा व अंकुर पेठा मिठाई के सैंपल भरे। वहीं, फैक्ट्री संचालक कमल सिंह का कहना है कि उन्होंने फैक्ट्री में पेठा बनाने के सभी मानक पूरे किए हुए है। उनकी फैक्ट्री में सफाई की पूरी व्यवस्था है।


पेठे में मिले बीड़ी और कीट :
कमल फैक्ट्री के बाद टीम कुछ दूरी पर स्थित दिनेश फैक्ट्री में गई। लेकिन टीम को यहां फैक्ट्री संचालक नदारद मिले। जब अधिकारियों ने वहां काम कर रहे कर्मचारियों से फैक्ट्री संचालक के बारे में पूछा तो उन्होंने उसके बारे में जानकारी न होने की बात कहीं। टीम ने जब यहां जांच की तो एक हौद में पड़े पेठे के टुकड़ों के बीच बीड़ी व कुछ कीट पतंगे पड़े हुए मिले। यह देख अधिकारी भड़क गए। उन्होंने कर्मचारियों को पुलिस बुलाने का भय दिखाकर मालिक को बुलाने की बात कहीं। इसके बाद जब फैक्ट्री मालिक से फोन पर बातचीत की गई तो उन्होंने अंबाला होने की बात कही। कुछ देर बाद यहां से कर्मचारी भी भाग गए। विभाग अधिकारियों ने पुलिस को मौके पर बुलाकर मामले की जांच करवाई।
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पशुओं के नजदीक बनाया जा रहा पेठा :
छापामारी के दौरान डॉक्टरों की टीम ने एक फैक्ट्री में देखा कि पशुओं के नजदीक ही पेठा बनाया जा रहा था। फैक्ट्री में पशु डेयरी व पेठा बनाने का काम एक साथ किया जा रहा था। पेठे के नजदीक ही पशुओं का मलमूत्र पड़ा हुआ था। वहीं पर कर्मचारी नहा रहे थे। गंदगी बहुत मात्रा में फैली हुई थी। जिससे काफी बदबू निकल रही थी।
 


फैक्ट्रियों में हो रही थी बाल मजदूरी :  
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि तीनों फैक्ट्रियों में जहां गंदगी के बीच पेठा बनाते हुए पाया गया। वहीं, वहां पर अधिकतर कर्मचारी 12 से 15 उम्र के बीच पाये गए। लेकिन टीम के आने के बाद अधिकतर कर्मचारी वहां से तीतर-बीतर हो गए।


गधौली के नजदीक स्थित तीन पेठा फैक्ट्रियों पर छापेमारी की गई। फैक्ट्रियों में गंदगी के बीच पेठा बनाया जा रहा था। एक फैक्ट्री से सेंपल लिए गए, जिन्हें जांच के लिए लैब भेज दिया गया। दो फैक्ट्रियों के मालिक मौके पर नहीं मिले। जिन पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए है।
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- डॉ. वीके जैन, डिप्टी सीएमओ, सिविल अस्पताल यमुनानगर।

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