सीएम मनोहल लाल खट्टर के प्रधान सचिव आरके खुल्लर ने कहा कि प्रदेश में गीता महोत्सव के उपलक्ष्य में एक से तीन दिसंबर तक खंड स्तर और 8 से दस दिसंबर तक जिला स्तर पर गीता उत्सव मनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस वर्ष अंतर राष्ट्रीय स्तर का गीता उत्सव समारोह छह से दस दिसंबर तक गीता की जन्मस्थली कुरुक्षेत्र में आयोजित किया जा रहा है, जिसका शुभारंभ छह दिसम्बर को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी करेंगे। खुल्लर ने यह जानकारी रविवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से गीता जयंती उत्सव को लेकर प्रदेश के उपायुक्तों व वरिष्ठ अधिकारियों को संबोधित करते हुए दी।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह जिला की धार्मिक और सामाजिक संस्थाओं से बेहतर तालमेल स्थापित करके गीता जयंती महोत्सव को गरिमापूर्ण तरीके से मनाने की योजना को शीघ्र अंतिम रूप दें। उन्होंने कहा कि गीता उपदेश किसी वर्ग व समुदाय विशेष के लिए नहीं है, बल्कि पूरी मानवता के लिए है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन में सभी धर्मों और वर्गों के प्रतिनिधियों को शामिल करें। इस मौके पर अंतर राष्ट्रीय गीता महोत्सव 2016 के नोडल अधिकारी अनिल कुमार, सूचना जन सम्पर्क एवं भाषा विभाग हरियाणा के निदेशक समीर पाल सरो भी उपस्थित थे। उन्होंने धार्मिक और सामाजिक संगठनों से भी अनुरोध किया कि वह शोभा यात्राओं तथा गीता जयंती महोत्सव के अन्य कार्यक्रमों में गीता उपदेश व अन्य धार्मिक पहलूओं के साथ कन्या भ्रूण हत्या रोकने को भी इस आयोजन के विषय में शामिल करें, ताकि लोगों को गीता उपदेश के आधार पर समाज में महिलाओं को उचित सम्मान देने के लिए प्रेरित किया जा सके। उन्होंने कहा कि सरकारी प्रयास अपने स्तर पर जारी हैं, लेकिन धार्मिक और सामाजिक समारोहों में दिए गए संदेश लोगों पर अधिक प्रभाव छोड़ते हैं।
उन्होंने अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए कि वह गीता उत्सव के आयोजन तथा शोभा यात्राओं के दौरान स्वच्छता पर विशेष बल दें। ऐसी व्यवस्था करें कि कार्यक्रम के आयोजन के आधे घंटे बाद और शोभा यात्रा के तुरंत बाद संबंधित स्थानों पर कोई कूड़ा-कर्कट नजर न आए। उन्होंने कहा कि आयोजन के साथ ऐसा करने से समाज में स्वच्छता का एक अनूठा उदाहरण भी प्रस्तुत किया जा सकता है।
स्कूल कॉलेजों में होंगी चित्रकला व निबंध लेखन प्रतियोगिताएं
खुल्लर ने बताया कि गीता महोत्सव में उपरोक्त कार्यक्रमों के अतिरिक्त सरस्वती प्रचार-प्रसार के लिए इसरो के सहयोग से प्रदर्शनी आयोजित करने के साथ अन्य वैज्ञानिक खोज व पारम्परिक उत्पादों पर आधारित मनमोहक प्रदर्शनी, गीता पर चिंतन और मंथन के लिए सेमिनार, स्कूलों और कॉलेजों में गीता का मेरे जीवन पर प्रभाव विषय पर चित्रकला, श्लोकोच्चारण, निबंध लेखन सहित अन्य प्रतियोगिताएं भी कराई जाएंगी। उन्होंने बताया कि गीता जयंती महोत्सव के समापन दिवस पर सांस्कृतिक सांध्य को भी आयोजन किया जाएगा, जिसमें सूचना एवं जन संपर्क विभाग द्वारा प्रदेश के विख्यात कलाकारों के माध्यम से पारम्परिक नृत्यों, ड्रामा व अन्य माध्यमों से गीता संदेश दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रदर्शनी स्थल पर आठ से दस दिसंबर तक हरियाणा के पारम्परिक वाद्य यंत्रों डेरू, जोगी, जंगम, बीन, ड्रम्स, बांसली और बैगपाईपर आदि के माध्यम से भी कलाकारों द्वारा हरियाणा की संस्कृति की झलक प्रस्तुत की जाएगी। बैठक में डीसी डॉ. एसएस फूलिया, एडीसी डॉ. शालीन, जगाधरी एसडीएम एवं नगराधीश भारत भूषण कौशिक, डीडीपीओ गगनदीप सिंह, डीआईओ रमेश गुप्ता, एआईपीआरओ मनोज पांडेय सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।