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परीक्षा से पहले और बाद में रोडवेज ने ली अग्नि परीक्षा

Sun, 20 Nov 2016 11:19 PM IST
amar ujala beuro yamunanagar
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d - फोटो : d
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क्लर्क पद की लिखित परीक्षा से पहले व बाद में परीक्षार्थियों को रोडवेज बसों में आने-जाने के वक्त अग्नि परीक्षा से गुजरना पड़ा। कम बसों के आलम में अधिकतर परीक्षार्थियों को बसों पर लटकर व छतों पर बैठ सफर करना पड़ा। परीक्षा संपन्न होने पर दोपहर व शाम में यमुनानगर बस स्टैंड पर हजारों परीक्षार्थियों की भीड़ लग गई और बसों में चढ़ने को लेकर धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। इस बीच सबसे अधिक परेशानी महिला परिक्षार्थियों को हुई। कईयों को मजबूरन घर लौटने के लिए निजी वाहनों और अन्य साधन का सहारा लेना पड़ा।
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बता दें कि जिले में बने परीक्षा केंद्रों पर रविवार को एचएसएससी द्वारा क्लर्क पद की लिखित परीक्षा ली गई, जोकि दो सत्रों सुबह 10:30 से दोपहर 12 बजे और शाम तीन से 4:30 बजे तक परीक्षा तक हुई। इसमें प्रदेश भर से करीब 20 हजार से अधिक परीक्षार्थियों ने हिस्सा लिया। कुछ परीक्षार्थी शनिवार देर शाम को ही आ गए और अपने परीक्षा केंद्रों के आसपास धर्मशाला व होटल आदि में रात बीताई।

जबकि रविवार को प्रदेश भर के हजारों परीक्षार्थी रोडवेज बसों से यमुनानगर पहुंचे, जिस कारण कम बसों और भीड़ के बीच उन्हें दिक्कतों से दो-चार होना पड़ा। दोपहर 12 बजे पहले व शाम 4:30 बजे दूसरे सत्र की परीक्षा संपन्न होने पर यमुनानगर बस स्टैंड पर परीक्षार्थियों भारी भीड़ उमड़ पड़ी। डिपो पर करीब 160 बसें हैं, जो कि परीक्षार्थियों व अन्य यात्रियों के आगे कम साबित हुई। एक के बाद एक अलग-अलग रूट की बस के आते ही उसमें चढ़ने को लेकर धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। ऐसे में पुरुष परीक्षार्थियों को बसों के दरवाजों के पायदान व पीछे सीढिय़ों पर लटक और छतों पर बैठकर लौटना पड़ा। इस बीच सबसे अधिक परेशानी महिला परीक्षार्थियों को हुई। देर शाम तक भी बस स्टैंड पर कई परीक्षार्थी बसों में आसानी चढ़ने को लेकर इंतजार करते रहे वहीं, कुछ परीक्षार्थियों ने निजी वाहनों व अन्य साधन का सहारा लिया।
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अपने-अपने जिले में सेंटर हो तो बने बात
रेनू, रजनी, सरोज व राजेश, विक्रांत ने कहा कि बसों में आते वक्त बसों में भीड़ के चलते उनमें चढ़नेे को लेकर दिक्कत हुई और अब यही दिक्कत जाने के दौरान भी हो रही है। इन्हीं दिक्कतों के बीच परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने में तनाव की स्थिति बन जाती है और परीक्षा बेहतर ढंग से नहीं हो पाती है। ऐसे में सरकार को चाहिए कि परीक्षार्थियों के परीक्षा केंद्र उनके जिले में ही बनाए जाएं, ताकि वह आसानी से आ-जा सकें और परीक्षा सही प्रकार से हो।

केंद्र के बाहर उतरवाए कंगन, टॉप्स, बाली, क्लीप और बेल्ट
परीक्षार्थियों के परीक्षा केंद्र में प्रवेश से पहले उनकी कड़ी तलाशी ली गई। मेटल डिटेक्टर के जरिए सभी की जांच की गई वहीं, केंद्र में प्रवेश के लिए उन्हें केवल परिचय पत्र व रोल नंबर स्लिप ही साथ ले जाने दी गई। जबकि महिला परीक्षार्थियों के कंगन, बाली, अंगुठी, कड़ा, जूड़ा पिंन/कलिप व पुरुष परीक्षार्थियों के बैल्ट आदि बाहर की उतार लिए गए। वहीं, नकल रोकने के लिए सभी केंद्रों पर जैमर लगाए गए थे और प्रशासन की ओर से धारा-144 के तहत परीक्षा केंद्र के 200 मीटर की परिधि में सभी फोटोस्टेट की दुकानें बंद रखी गईं। इसके साथ ही प्रशासनिक अधिकारी परीक्षा के दौरान केंद्रों का निरीक्षण करते रहे।
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