हरियाणा शिक्षा बोर्ड की ओर से पहली से आठवीं कक्षा तक में मंथली यूनिट टेस्ट चल रहे हैं, लेकिन स्कूलों में अध्यापकों को पर्याप्त प्रश्र पत्र ही नहीं मिल रहे हैं। ऐसे में अध्यापक सुबह सवेरे परीक्षाएं शुरू करवाने की बजाए प्रश्र पत्र फोटोस्टेट करवाने में उलझ जाते हैं। सबसे बड़ी उलझन यह होती है कि हर रोज प्रश्र पत्र फोटोस्टेट करवाने के लिए पेमेंट किस खाते से ली जाए। इसी उलझन की वजह से स्कूलों में परीक्षा शुरू करवाने में भी देरी हो जाती है।
सरकारी विद्यालयों में यूनिट टेस्ट चल रहे हैं। इन टेस्ट में प्रश्नपत्र संबंधित खंड शिक्षा कार्यालयों से क्लस्टर स्कूलों को दिए जाते हैं और क्लस्टर स्कूलों से आगे संबंधित स्कूलों को भेजे जाते हैं। मगर अध्यापकों की शिकायत है कि यूनिट टेस्ट के प्रश्न पत्र बहुत कम संख्या में आ रहे हैं। प्रश्र पत्र विद्यार्थियों की संख्या के हिसाब से नहीं मिल रहे हैं, बल्कि अंदाज से भेजे दिए जाते हैं। हाल ये है कि अगर विद्यालय मे 200 बच्चे हैं तो प्रश्र पत्र सौ भी नहीं दिए जाते। कई बार पैकट से मात्र 20-20 प्रश्न पत्र ही निकल रहे हैं। जब स्कूल अध्यापक एतराज जताते हैं तो जवाब मिलता है कि प्रश्र पत्र पीछे से ही कम आएं है। जब प्रिंटिंग प्रेस को पूरा पैसा दिया जा रहा है तो पेपर कम निकलना किसी बड़ी धांधली या फिर बड़ी लापरवाही की ओर इशारा करता है। स्थिति ये है कि स्कूलों में 150 पेपर दोनों तरफ से फोटोस्टेट करवाने पड़ रहे हैं जिसका खर्चा कहां से करें, ये भी अध्यापक समझ नहीं पा रहे हैं।
पेपर लीक होने का खतरा भी रहता है:
प्रश्र पत्र को फोटोस्टेट करवाने में खर्चे के साथ ही पेपर लीक होने का खतरा भी बना रहता है। जिस वजह से कई बार पेपर शुरू करवाने में देरी हो जाती है। कई बार फोटोस्टेट करवा कर लाने में ही 10 से 11 बज जाते हैं। इसी तरह ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों में भी बड़ी परेशानी होती है। वहां कई बार बिजली आपूर्ति न होने से अध्यापकों को फोटोस्टेट करवाने के लिए अतिरिक्ति भागदौड़ करनी पड़ती है। इसी तरह सिंगल अध्यापक स्कूलों में दिक्कतें और भी ज्यादा होती है।
पूरे मामले की जांच करवाने की मांग:
अध्यापकों ने बताया कि स्कूल में प्रश्र हरियाणा राजकीय अध्यापक संघ के प्रदेशाध्यक्ष प्रदीप सरीन, राज्य चेयरमैन कुलभूषण शर्मा, सचिव संजीव मंदोला व रविंद्र राणा ने बताया की यह बड़ा मामला है। संघ इस पूरे मामले को मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाएगा। विभाग को इस धांधली की जांच करवानी चाहिए।