आखिरकार, फेस्टीवल सीजन से पहले स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ ही गया। विभाग की दो टीमों ने मंगलवार को यमुनानगर और जगाधरी स्थित दो दुकानों से सैंपल भरे। विभाग की कार्रवाई की भनक लगते ही अन्य दुकानदारों में हड़कंप मच गया। बहुत से दुकानदार अपनी दुकानें बंद कर इधर-उधर हो गए। विभाग की कार्रवाई करीब दो घंटे चली। पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी भी करवाई गई। ध्यान रहे कि ‘अमर उजाला’ ने मंगलवार के अंक में ही फेस्टीवल सीजन में सैंपलिंग न करने का समाचार प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद मंगलावर को ही विभाग की टीम ने कार्रवाई शुरू कर दी है।
सुबह स्वास्थ्य विभाग की टीम मंगलवार को गोबिंदपुरी रोड स्थित स्वीट्स की दुकान पर पहुंची। टीम में श्रीराम कटारिया, एएफएसओ वीरेंद्र कुमार और एफएसओ डॉ. प्रेम शामिल रहे। टीम ने यहां से खोया, खोया बर्फी, पनीर, दही के चार सैंपल भरे हैं। स्वीट्स की दुकानदार पर स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई की खबर शहर में तेजी से फैल गई। इसके अलावा विभाग की दूसरी टीम ने जगाधरी स्थित डेरी से दही व खोया के सैंपल भरे हैं। इन्हें जांच के लिए लैब में भेजा गया।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. प्रेमचंद का कहना है कि लोगों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर विभाग की ओर से यह अभियान चलाया जा रहा है। यह लगातार जारी रहेगा। फेस्टिवल सीजन शुरू हो चुका है। इस दौरान खाद्य पदार्थों की डिमांड बढ़ जाती है। कुछ लोग मुनाफे के लिए मिलावट करते हैं। ऐसे लोगों पर विभाग की नजर है। यदि कोई दुकानदार गुणवत्ता से समझौता और नियमों की अनदेखी करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। खाद्य पदार्थ खुले में रखकर नहीं बेचने चाहिए। उन्होंने बताया कि विभाग ने दो दुकानों से छह खाद्य पदार्थों के नमूने लिए हैं। इन नमूनों को जांच के लिए भेजा जाएगा। इनकी रिपोर्ट 15 से 20 दिन में आए जाएगी। रिपार्ट के आधार पर ही विभाग आगे की कार्रवाई करेगा।
दुकानदार हो गए सतर्क
स्वास्थ्य विभाग ने यमुनानगर और जगाधरी दोनों शहरों में दुकानों से सैंपल भरे हैं। विभाग की कार्रवाई की भनके लगते ही दुकानदार सतर्क हो गए। इस दौरान कई दुकानदारों ने शटर तक बंद कर दिए। अधिकतर दुकानदार एक दूसरे से फोन पर विभाग की कार्रवाई की जानकारी लेते रहे।