एसोसिएशन छछरौली की मीटिंग का आयोजन सोमवार को खिजराबाद में किया गया। जिसकी अध्यक्षता सरपंच एसोसिएशन के ब्लाक प्रधान और खिजराबाद के सरपंच प्रवीन अग्रवाल ने की। मीटिंग का एजेंडा अब तक के पंचायत कार्यकाल में किसी भी तरह के विकास कार्य के लिए किसी भी पंचायत में कोई भी ग्रांट ना आने बारे का था।
मीटिंग में ब्लाक के लगभग हर सरपंच ने हिस्सा लिया। मीटिंग के माध्यम से सरकार को इस बारे अवगत करवाना था कि पंचायतों को बने हुए लगभग एक साल से भी ऊपर हो गया है लेकिन अब तक किसी भी प्रकार के विकास कार्य के लिए पंचायतों में ग्रांट नहीं आई। जिससे गांव के विकास कार्य लगभग ठप्प ही पड़े हैं।
कई सरपंचों ने मीटिंग में अपना दुखड़ा भी रोया और कहा कि कार्यालय में उनके काम सही ढंग से नहीं होते। एक एक काम के लिए कई कई चक्कर काटने पडते हैं। तो कई सरपंचों ने अपनी शक्ति पहचानने की बात कही। इस मीटिंग में एक निगरानी कमेटी का भी गठन किया गया।
अपनी पॉवर पहचाने सरपंच
भूड़ सरपंच शिवकुमार ने कहा कि सरपंच की पॉवर कम नहीं होती, आप अपनी ताकत को पहचानें, ब्लॉक छछरौली की कार्यशैली ठीक नहीं, सरकार ठीक काम कर रही है। सभी सरपंच एकजुट रहें, कहीं पर भी बुलाया जाए तो एक ही आह्वान पर तुरंत पहुंचे। अगर एसडीओ किसी भी इंट्री पर साइन नहीं करता उस पर एसोसिएशन तुरंत एक्शन ले।
काम करवाने के लिए चक्कर काटकर थक चुके
खारवन सरपंच जोगिंद्र सिंह का कहना है कि सेक्रेट्री, एसडीओ, बीडीओ सरपंच का पूरा साथ नहीं देते, इस पर एसोसिएशन को विचार कर इस समस्या का समाधान निकालना होगा। खदरी पंचायत प्रतिनिधि कुलबीर ने कहा कि हमारे गांव में आठ नलके आए हुए है, दो साल हो गए हैं, हम प्रशासन के चक्कर काट काट कर थक चुके हैं, इसलिए सभी को एकजुट होकर अपने अधिकार लेने होंगे।
अधिकारियों से लिया जाए जवाब
बक्करवाला पंचायत के सरपंच अशोक कुमार ने कहा कि एकजुटता ही एसोसिएशन की पहचान है, यही हमारी ताकत है। बल्लेवाला सरपंच शिवकुमार ने कहा कि अगर कोई सरपंच किसी सेक्रेरट्री, बीडीओ या एसडीओ को बुलाता है तो उसको आना पड़ेगा, नहीं तो एसोसिएशन को सरपंच बताएगा, उसका समाधान निकाला जाएगा। कई महीनों से सीमेंट पंचायतों को उपलब्ध नहीं हो रहा, इसका भी जवाब ब्लॉक अधिकारियों से लिया जाए।
ये सरपंच बने निगरानी समिति के सदस्य
एसोसिएशन द्वारा नवगठित निगरानी समिति भी बनाई गई। जिसके सदस्य सरपंच जरनैल सिंह मानकपुर, राजकुमार राणा मलिकपुर बांगर, हारून सरपंच बागपत, जयधरी सरपंच शक्ति सिंह, कड़कौली सरपंच हरविंद्र सिंह डिम्पी, तुगलपुर सरपंच राजकुमार कश्यप, याकूबपुर सरपंच राजपाल सिंह, मुजाफतखुर्द सरपंच अब्दुल खालिक, राजकुमार राणा सरपंच कनालसी, बल्लेमाजरा सरपंच शिवकुमार, जोगिंद्र सिंह सेठ्ठी सरपंच खारवन आदि हैं। मौके पर लगभग सभी पंचायतों के सरपंच मौजूद थे।
ग्रामीण विकास कार्यो को नहीं होने देंगे बाधित
एसोसिएशन प्रधान प्रवीण अग्रवाल ने मीटिंग में सभी सरपंचों की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुन सभी पंचायतों की समस्याओं के प्रशासन व सरकार से समाधान का वादा किया और कहा कि भविष्य में सरपंचों को आ रही दिक्कतों को दूर कर हर गांव के विकास कार्यो को बाधित न होने के भरपूर प्रयास किए जाएगे।