शिक्षा विभाग के आदेश अनुसार हरियाणा प्रदेश के प्रत्येक सरकारी स्कूलों में सोमवार कक्षा छह से कक्षा आठ तक अक्तूबर माह की मासिक परीक्षाएं आरंभ हुई है। पेपरों का प्रथम दिन होने की वजह से बच्चें सुबह से ही पेपर देने के लिए अपने-अपने स्कूलों में पहुंच गए। जैसे ही अध्यापकों ने पेपर के बंडल खोले तो उनमें कक्षा सातवी का गणित का पेपर ही गायब मिला।
काफी देर इंतजार करने के पश्चात जब उन्हें गणित का पेपर नहीं मिला तो अध्यापकों ने इस बारे में खंड शिक्षा कार्यालय में उपस्थित अधिकारियों से इस बारे में बात की तो पता चला कि गणित के पेपर का बंडल गलती से जिला अंबाला के ब्लाक बराडा के पेपरों के बंडल बिलासपुर कार्यालय में आ गए है। जबकि बिलासपुर ब्लाक के सातवीं कक्षा के गणित के पेपरों के बंडलों का कुछ अता पता नहीं है। जिसके कारण पहले ही दिन सातवीं कक्षा के हजारों बच्चे विभाग की लापरवाही के कारण गणित की परीक्षा देने से वंचित रहे गए। अध्यापक भी स्कूलों में पूरे पेपर नहीं पहुंचने से परेशान नजर आए। कुछ कलस्टर इंजार्ज अपने अपने स्कूलों के पेपर ढूढ़ते नजर आए पर उन्हें उनके स्कूलों के पेपर नहीं मिल रहे थे। काफी प्रयास के बाद ही उन्हें अपने स्कूलों के पेपर मिले।
परीक्षा के टाइम पर पहुंचे प्रश्रपत्र
कुछ अध्यापकों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि पेपर एक दिन पहले स्कूलों में पहुंच जाने चाहिए पर विभाग की लापरवाही के चलते कई कई बार फोन करने के बाद भी पेपर स्कूलों में सुबह नौ बजे ही पहुंचे और नौ बजे का ही टाइम पेपर लेने का है। जिसके कारण पेपर को शुरू करते करते परीक्षा का समय बर्बाद होता है। जब पेपरों के बंडल खोले तो उनमें से कई कक्षाओं के पेपर गायब मिले जो मिले वो भी कम ही मिले। खंड के अधिकतर कलस्टरों में भी पेपर सही समय से नहीं पहुंच पाए। जिसके कारण अध्यापकों की परेशानी बढ़ती नजर आई।