जाट आरक्षण आंदोलन को लेकर प्रशासन अलर्ट है। आंदोलन को देखते हुए पुलिस जवानों की दो कंपनियां और 200 होमगार्ड तैनात किए गए हैं। धरना स्थल पर जाटों से पहले ही पुलिस तैनात कर दी जाएगी। वाटर कैनन और टीयर गैस स्क्वायड मौके पर तैनात रहेगी। आंदोलन के दौरान किसी को जाम लगाने और तोड़फोड़ की अनुमति नहीं है। यदि कोई ऐसा करता है तो उस पर कड़ी कार्रवाई होगी। आंदोलन से एक दिन पहले ही प्रशासन की तरफ से जाट नेताओं को समझाने का प्रयास किया गया।
अखिल भारतीय जाट महासभा के प्रधान प्रदीप सिंह ने बताया आरक्षण को लेकर महासभा के बैनर तले मंगलवार को जगाधरी अनाजमंड़ी में धरना प्रदर्शन किया जाएगा। धरने पर बैठने से पहले वे अधिकारियों से मिलेंगे। सुबह दस बजे धरना शुरू होगा और शाम चार बजे तक चलेगा। धरने के दौरान ही आगे के आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी। उधर, प्रशासन की ओर से कुछ जाट नेताओं को नोटिस भेजे गए है। जिसमें जाट आंदोलन के दौरान जाम और तोड़फोड़ करने की मनाही की गई है। वहीं यदि ऐसा होता है तो जाट स्वयं इसकी भरपाई करेंगे। नोटिस के साथ-साथ प्रशासनिक अधिकारी सोमवार को जाट नेताओं को समझाने में जुटे रहे। जाटों से संबंधित मुख्य गांवों में जाकर जाट नेताओं को समझाया गया। पुलिस व सुरक्षा एजेंसियों ने भी सोमवार को जगाधरी मंडी में धरने के लिए निर्धारित स्थान का जायजा लिया और व्यवस्था को जांचा। एसपी राजेश कालिया का कहना है कि जाट आरक्षण आंदोलन के चलते कड़ी सुरक्षा के इंतजाम किए गए है। किसी को जाम लगाने और तोड़फोड़ करने की अनुमति नहीं है। ऐसा करने वाले के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।