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नोट बंदी से शादी की खुशियों में लग रहा ग्रहण

Fri, 18 Nov 2016 12:05 AM IST
amar ujala beuro yamunanagar
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m - फोटो : m
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 मैरिज सीजन में नोट बंदी की वजह से शादियों की खुशियों में ग्रहण लग रहा है। जिन घरों में इस समय खुशियों का माहौल होना चाहिए था, अब वहां परेशानी बनी हुई है। लोग शादी की तैयारियों को छोड़ कर बैंक से नगदी निकलवाने की जोड़-तोड़ में लगे हुए हैं। कोई पड़ोसियों और रिश्तेदारों की मान-मनौव्वल से कैश निकलवा रहा है और कोई अधिकारियों व नेताओं की सिफारिशों का सहारा ले रहा है। उसके बाद भी लोगों की परेशानियां कम नहीं हो पा रही है। सबसे अधिक परेशानी गरीब व मध्यम वर्गीय परिवारों को ही आ रही है। इन दिनों मैरिज सीजन चल रहा है और केंद्र सरकार की ओर से बीती 8 नवंबर से पांच सौ और एक हजार की नोट पर रोक लगा दी गई है। जिसकी वजह से लोगों को परेशानी खड़ी हो गई हैं।
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मजबूरी भी नहीं समझ रहे अधिकारी
जम्मू कालोनी निवासी गुड्डू ने बताया कि उसकी बेटी की शादी नौ दिसंबर को है। अंबाला से बारात आनी है। घर में पैसे की सख्त जरूरत है। कई दिनों से बैंक में लगातार आ रही हूं, लेकिन गुरुवार को सिर्फ छह हजार रुपये मिले हैं। बैंक अधिकारियों से कई बार प्रार्थना भी की और शादी का कार्ड दिखा कर अपनी मजबूरी भी बता दी। मगर कोई सुनवाई नहीं हुई। उन्हें कम से कम 50 हजार रुपये की जरूरत है। पैसे न होने की वजह से शादियां की तैयारियां ही रूक गई है।

हर छोटे-बड़े काम के लिए पैसों की जररूत
कैंप निवासी कांता शर्मा व अरविंद कुमार का कहना है कि 21 नवंबर को बेटे की शादी है और लाडवा बारात जानी है। डेढ़ लाख रुपये खाते में जमा है और उन्हें कैश नहीं मिल रहा है। हर छोटे-बड़े काम के लिए पैसों की जररूत है। जहां भी चाहते हैं, दुकानदार नए नोटों की मांग करते हैं। हर जगह चेक से काम भी नहीं चल सकता। सबसे बड़ी समस्या सब्जी मंडी की है। जहां आपको नए नोट ही देने होंगे। शगुन के लिए भी कैश चाहिए। हर किसी से उधार भी नहीं किया जा सकता है।
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सारे काम छोड़ कर लगे हैं बैंक लाइन में
कैंप निवासी सन्नी खत्री का कहना है कि उसकी बहन की शादी 24 नवंबर को होनी है। घर में शादी के सारे काम बाकी हैं, लेकिन वह बैंक की लाइन में लगे हुए हैं। 11 नवंबर से यह सिलसिला रोज चल रहा है। बैंक जाते हैं और घंटों लाइन में लगते हैं, उसके बाद भी कोई फायदा नहीं होता। बैंक अधिकारियों व कर्मियों के रवैये की वजह से परेशानी ओर भी बढ़ जाती है। सन्नी का कहना है कि बैंक अधिकारी लाइन में लगे लोगों को कैश नहीं देते, जबकि जान-पहचान के लोगों का काम पहले कर रहे हैं।

कल जाना है, अब तक पैसे का इंतजाम नहीं
रणजीत कालोनी निवासी 70 वर्षीय मकसूद तीन दिन से बैंक के चक्कर काट रहे हैं। उन्होंने बताया कि बहन की बेटी की शादी है। उसमें शुगन के लिए भी पैसे नहीं है। उसकी 18 नवंबर को शादी में मुजफ्फर नगर जाना है।  वह तीन दिन से बैंक के चक्कर लगा रहा है, लेकिन उसे कैश नहीं मिल रहा है। उसे 15 से 20 हजार रुपये की जरूरत हैं। मगर उसे कैश नहीं मिल रहा है।  

समझ ही नहीं आ रहा क्या और कैसे करें
जम्मू कालोनी निवासी शाम लता ने बताया कि 24 को बेटे की बारात जानी है और 20 को लड़की वाले शगुन देने आएंगे। तीन दिन रह गए और और पैसे ही नहीं है। बुधवार को बैंक से चार हजार रुपये मिले थे और गुरुवार को लाइन में लगने के बाद भी कोई कैश नहीं मिला। पता चला था कि सरकार ने शादी के लिए अढ़ाई लाख रुपये निकालने की अनुमति दी है। इस बारे में शाखा प्रबंधक से बात थी, तो उन्होंने बताया कि ऐसा कुछ नहीं है। उन्हें इस बारे में किसी योजना की जानकारी नहीं है। शाम लता ने बताया कि समझ ही नहीं आ रहा है कि क्या और कैसे करें।

शहर विधायक ने बैंक का किया दौरा
भाजपा से यमुनानगर विधायक घनश्याम दास अरोड़ा ने गुरुवार को विभिन्न बैंकों की शाखाओं का दौरा किया और लाइन में लगे उपभोक्ताओं से बात की। उन्होंने रादौर रोड स्थित पीएनबी, सिंडीकेट, एसबीआई व शादीपुर स्थित  बैंक का दौरा किया। विधायक ने कहा कि किसी को घबराने की जरूरत नही है।

इमानदारी से की गई कमाई पर कोई आंच नही आएगी और उम्मीद है कि एक हफ्ते मे सब सामान्य हो जाएगा। सिंडीकेट बैंक के बाहर बीना नगर कैंप निवासी सुषमा ने विधायक के सामने अपनी समस्या रखी। उन्होंने बताया कि घर मेें बेटी की शादी है और बैंक से कैश नहीं मिल रहा है। विधायक ने भाजपा मंडल उपाध्यक्ष नीरज गुप्ता के माध्यम से शाखा प्रबंधक से बात करवाई, जिसके बाद उन्हें दस हजार रुपये की नगदी मिल गई। विधायक ने बैंक  के शाखा प्रबंधक से मिल कर बात की और लोगों की सुविधा देने के निर्देश दिए।  
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