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नोटबंदी के 36वें दिन भी कम नहीं हुई टेंशन, मिली सिर्फ एक-एक हजार रुपये पेंशन

Wed, 14 Dec 2016 11:34 PM IST
amar ujala beuro yamunanagar
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x - फोटो : amar ujala
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 नोटबंदी के 36वें दिन भी कैश को लेकर लोगों की टेंशन कम नहीं हुई है। इस बीच पेंशन के सहारे गुजर-बसर करने वाले लोगों की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं। चूंकि बुधवार को बैंकों में पर्याप्त कैश न होने पर महज एक-एक हजार रुपये पेंशन देकर काम चलाया गया। रही सही कसर बैंक के सरवर सिस्टम और धक्का मुक्की से पूरी हो रही है।
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बता दें कि नोटबंदी के बाद बैंकों में पर्याप्त कैश न होने से सबसे अधिक बुजुर्ग और अन्य पेंशन पात्र प्रभावित हो रहे हैं, जिन्हें अब तक नवंबर माह की भी पूरी पेंशन नहीं मिल पाई है। पेंशन पात्र बैंकों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। उधर, करीब 36 दिन बाद भी एटीएम पूरी तरह से वर्किंग नहीं हो पाए हैं।
बुधवार को भी क्षेत्र के अधिकतर बैंकों में लोगों को पर्याप्त करेंसी नहीं मिली। लोग अलसुबह आकर लाइनें में जरूर लगे, मगर उन्हें दो से चार हजार रुपये देकर भेज दिया गया। उपभोक्ता सुरेश कुमार, संजीव शर्मा, सतीश कुमार ने बताया कि बैंक में दो से चार हजार रुपये ही दिए जाते हैं। ऐसे में दूसरे तीसरे दिन फिर से लाइन में लगना पड़ता है। यदि एक बार में दस से बीस हजार रुपये की नगदी मिल जाए तो उपभोक्ताओं को भी परेशानी नहीं होगी और बैंक के बाहर लाइन भी कम लगेगी।
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बेटी की फीस देने के लिए लगाने पड़ रहे हैं चक्कर: पूजा
शिवनगर निवासी पूजा का कहना है कि बेटी के कॉलेज की फीस देने के लिए बैंक के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। मंगलवार को सुबह छह बजे आई थी, तब जाकर 11 बजे तक चार हजार रुपये मिले थे। इसलिए बुधवार को फिर से आना पड़ा। फीस के लिए दस हजार रुपये देने हैं। कॉलेज वाले चेक लेने से इंकार कर रहे हैं।

दो महीने की पेंशन नहीं मिली: सोमा
वीना नगर निवासी 70 वर्षीय सोमा देवी अपनी बेटी के सहारे रादौर रोड स्थित पीएनबी पहुंची। सोमा देवी ने बताया कि उसे आंखों से नजर नहीं आता है, इसलिए बेटी के साथ आना पड़ा। उसकी दो महीने की पेंशन रुकी हुई है। बुधवार को भी सिर्फ पेंशन के एक हजार रुपये ही मिले हैं। कई चक्कर लगाने के बाद पेंशन के एक हजार रुपये मिले हैं। दवा लेने के लिए भी पैसे नही थे।

चार घंटे बाद पेंशन के एक हजार रुपये ही मिले: गुरमीत
जोडिया गांव निवासी गुरमीत कौर ने बताया कि सुबह आठ बजे बैंक पहुंच गई थी। करीब 12 नंबर आया और पेंशन के एक हजार रुपये ही मिले। गुरमीत ने बताया कि उनके पति बीमार है और घर पर है। उनकी दवा के लिए पैसों की जरूरत है।

छह सौ रुपये खुल्ले लेकर आओ, फिर मिलेगी पेंशन:
गढ़ी गुजरान निवासी राम किशन स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की रादौर रोड स्थित शाखा में पेंशन लेने आए थे। राम किशन ने बताया कि पहले सरवर नहीं चला और दो घंटे इंतजार किया। करीब एक बजे नंबर आया तो बैंक अधिकारी ने बताया कि उनके खाते में पेंशन के 14 सौ आए थे। बैंक में दो हजार रुपये का नोट था। बैंक अधिकारी ने छह सौ रुपये खुल्ले मांग लिए, खुल्ले नहीं थे, इसलिए उन्हें पेंशन नहीं दी गई। ऐसे में उन्हें बिना पेंशन लिए ही घर जाना पड़ा।

बैंक का सरवर नहीं चला, परेशानी इनकी बढ़ गई:
वीना नगर निवासी प्रेम कुमार ने बताया कि नौ बजे बैंक के बाहर पहुंच गया था। करीब दो घंटे तक बैंक का सरवर ही नहीं चल पाया, जिस कारण भीड़ और भी ज्यादा बढ़ गई। ऐसे में धक्का मुक्की होने लगी, जिसमें उसे हल्की सी चोट भी लग गई। इसलिए वह बिना पेंशन लिए ही बाहर आ गया। उन्होंने बताया कि नवंबर की पेंशन अब तक नहीं मिली है, इस दौरान वह बैंक के कई चक्कर लगा चुका है।

दो महीने की पेंशन बकाया, एक-एक हजार रुपये मिले:
ममीदी गांव निवासी ओम प्रकाश, धर्मपाल व भूत माजरा निवासी राज कुमार ने बताया कि  पेंशन लेने के लिए सुबह आठ बजे ही पहुंच गए। उनकी दो महीने की पेंशन बकाया है। चार घंटे बाद बैंक से एक-एक हजार रुपये मिले हैं। मंगलवार को भी आए थे, लेकिन बैंक में कैश ही नहीं आया था।  

एटीएम के बाहर दो घंटे लाइन में लगे, फिर भी नहीं मिला कैश:
शिव कालोनी निवासी संगीता, जम्मू कालोनी निवासी सारिका, रवि कुमार, रमेश कुमार, श्रीपाल ने बताया कि पीएनबी के कैश डाला गया था। एटीएम में चार बजे आकर लाइन में लगे थे कि एटीएम में दिक्कत आ गई थी। जिसके बाद एटीएम ठीक करने अधिकारी पहुंचे थे, जोकि शाम छह बजे एटीएम ठीक करते रहे। छह बजे एटीएम से नगदी निकासी शुरू हुई। दो लोगों ने पैसे निकलवाए थे कि फिर से मशीन में खराबी आ गई। जिसके बाद अधिकारी एटीएम बंद कर चले गए और लोगों को भी यूं ही वापस जाना पड़ा।
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