मानकपुर में एचएसआईआईडीसी कार्यालय के समक्ष जमीन के मुआवजे के लिए 27 दिन से हड़ताल पर बैठे किसानों को अब मांग पूरी होने की उम्मीद है। हड़ताल के 28वें दिन मंगलवार को किसानों के पंचकुला में प्रदर्शन के दौरान एचएसआईआईडीसी के चीफ एके जैन द्वारा ऐसा आश्वासन दिया गया है। हालांकि मानकुपर में किसानों का धरना व क्रमिक भूख हड़ताल अभी जारी रहेगी, चूंकि किसानों के मुताबिक आश्वासन मौखिक तौर पर है और जब तक मुआवजा किसानों की जेब में नहीं आ जाता, तब तक वह धरना जारी रखेंगे।
बता दें कि एचएसआईआईडीसी फेस-दो के लिए 2007 में उधमगढ़, गढ़ी बंजारा व मानकपुर गावों की 259 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया गया था। दो वर्ष बाद 2009 में आठ लाख रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से किसानों को मुआवजा मिला, लेकिन यह पर्याप्त नहीं था। पूरे मुआवजे की मांग को लेकर किसानों ने न्यायालय की शरण ली और वर्ष 2010 में केस दायर कर दिया। अप्रैल 2015 में न्यायालय द्वारा एचआईआईडीसी को 30 लाख रुपये प्रति एकड़ की दर से किसानों को मुआवजा देने के निर्देश दिए, लेकिन किसानों को बढ़ा मुआवजा नहीं मिला। मुआवजे की मांग को लेकर किसान 16 अक्टूबर को मानकपुर में धरने पर बैठ गए।
भाकियू के नेतृत्व में किया रोष-प्रदर्शन
मामले को लेकर मंगलवार को भारतीय किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष कर्म सिंह मथाना व पूर्व प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी के नेतृत्व में काफी संख्या में किसानों ने पंचकुला स्थित एचआईआईडीसी कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। यहां किसान 12 बजे धरने पर बैठे और करीब दो बजे तक डटे रहे। इसी दौरान विभाग के उच्चाधिकारियों ने आश्वासन दिया कि 20 जनवरी से पहले उनकी जमीन का पूरा मुआवजा दे दिया जाएगा। किसान रमनदीप सिंह, केहर सिंह, ओंकार सिंह व मेहर सिंह ने कहा कि आश्वासन के बावजूद मानकपुर में किसानों का धरना जारी रहेगा। चूंकि यह आश्वासन मौखिक तौर पर है और जब तक मुआवजा किसानों की जेब में नहीं आ जाता, तब तक वह धरना जारी रखेंगे।