फर्कपुर स्थित रेल लाइन के साथ लगते एक धार्मिक स्थल की इमारत को रेलवे ने जेसीबी मशीन से गिरा दिया। तोड़फोड़ की कार्रवाई का पहले स्थानीय नागरिकों ने हल्का विरोध किया, लेकिन बाद में कार्रवाई पर सहमती बन गई। इसके बाद अधिकारियों ने जेसीबी की मदद से बिल्डिंग को गिरा दिया गया। इस दौरान मौके पर पुलिस बल मौजूद रहा।
डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के प्रोजेक्ट मैनेजर विनोद कुमार ने बताया कि मालगाड़ी के लिए अलग लाइन बिछाई जानी है। एक धार्मिक स्थल की इमारत बाहर की तरफ बनी बिल्डिंग रेल लाइन के पास है। इससे काम में बाधा उत्पन्न हो रही थी। इसे देखते हुए रेलवे ने इस इमारत को हटाने का निर्णय लिया था। कार्रवाई से पहले रेलवे के अधिकारियों ने इस संबंध में नोटिस भी जारी किए थे।
उन्होंने बताया कि पंजाब के साहनेवाल से वेस्ट बंगाल के सोन नगर तक डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का निर्माण कार्य चल रहा है। रेलवे के इस कॉरिडोर में कही भी फाटक नहीं होगा। इससे बचने के लिए कहीं अंडर पास तो कहीं पर ओवर ब्रिज का निर्माण होगा। इस कॉरिडोर के लिए प्रस्तावित जगह में यदि कोई बिल्डिंग या भवन बना हुआ मिल रहा है तो उस हटाया जा रहा है। फ्रेट कॉरिडोर का ट्रैक मालगड़ियों की आवाजाही के लिए ही होगा। इससे माल ढुलाई के काम में तेजी आएगी। यह रेलवे का बड़ा प्रोजेक्ट है।
हमें नहीं मिला कोई नोटिस
फर्कपुर स्थित इस धार्मिक स्थल की बहुत मान्यता है। हर गुरुवार को बड़ी संख्या में यहां श्रद्धालु पहुंचते हैं। इस पर पहले जेपी कपूर सेवादार थे। उनकी करीब सालभर पहले मृत्यु हो गई थी। इसके बाद गद्दी को लेकर लंबा विवाद भी चला। बाद में निर्णय लिया गया कि इस गद्दी पर बाबा के गोद लिए गए बच्चे को ही बैठाया जाए। बिल्डिंग को गिराने का विरोध कर रहे पवन कुमार ने बताया कि हमें बिल्डिंग गिराने के लिए कोई नोटिस नहीं दिया गया। हम चाहते हैं कि यहां जो भी सामान लगा हुआ है, उसे सुरक्षित निकालवा दिया जाए। इसे यहां नुकसान कम होगा। धार्मिक स्थल को क्षति न पहुंचाई जाए।