मानकपुर इंडस्ट्रीयल एरिया के लिए अधिगृहीत जमीन के मुआवजे की मांग पूरी न होने पर भड़के किसानों ने सोमवार को नेशनल हाईवे 73ए पर मानकपुर के नजदीक जाम लगा दिया। किसान छह दिन से हरियाणा स्टेट इंडस्ट्रीयल एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलेपमेंट कार्पोरेशन (एचएसआईआईडीसी) कार्यालय के गेट के समक्ष धरने पर बैठे हुए थे। सोमवार को भारतीय किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष कर्म सिंह मथाना व गुरनाम सिंह चढूनी के नेतृत्व में भारी संख्या में किसान एकत्रित हुए और नेशनल हाईवे पर जाम लगा दिया। नेशनल हाईवे जाम होने की सूचना पर पुलिस बल के साथ एचएसईईडीसी व प्रशासनित अधिकारी मौके पर पहुंचे और किसानों को चार दिन में मुआवजा राशि उनके खाते में डालने का आश्वासन दिया। तब जाकर किसान शांत हुए और जाम समाप्त कर दिया।
मानकपुर इंडस्ट्रीयल एरिया के लिए अधिगृहीत जमीन में चार गांवों के किसानों की करीब 260 एकड़ जमीन अधिगृहीत की गई थी। जिसके मुआवजे की मांग को लेकर चार गांव के किसान छह दिन से एचएसआईआईडीसी कार्यालय के गेट के समक्ष धरने पर बैठे हुए है। किसानों के समर्थन में भारतीय किसान यूनियन, भारतीय किसान संघ सहित कई किसान संगठन प्रदर्शन कर रहे। सोमवार को भारतीय किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष कर्म सिंह मथाना व गुरनाम सिंह चढूनी धरना स्थल पर पहुंचे। किसानों ने यहां सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया।
मुआवजे की मांग पूरी न होता देख भड़के किसान मानकपुर के नजदीक नेशनल हाईवे 73ए पर आ गए और सड़क के बीचोंबीच बैठ गए। किसानों ने यहां सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। नेशनल हाईवे पर किसानों द्वारा जाम लगाने की सूचना पर एचएसआईआईडीसी के पंचकुला से आए अधिकारी व स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और किसानों को समझाने का प्रयास किया। अधिकारियों ने किसानों को जल्द मुआवजा राशि देने का आश्वासन दिया। लेकिन किसानों ने टाइम की बात की। जिस पर अधिकारियों ने चार दिन में किसानों के अकाउंट में मुआवजा राशि डालने की बात कहीं। तब जाकर किसान शांत हुए और जाम समाप्त कर दिया।
आखिर किसान ही क्यों भुगतें
किसानों ने बताया कि जब कोर्ट का फैसला आ गया, तो उन्हें मुआवजा क्यों नहीं दिया जा रहा है। यदि मुआवजा नहीं दिया जाता, तो सरकार ने जमीन लेने की बात क्यों कही थी। हर जगह किसान ही क्यों फंस रहा है। सरकार या तो मुआवजा दे, वरना अब किसान आर-पार की लड़ाई लड़ने को तैयार है। देश का अन्नदाता कहे जाने वाला किसान छह दिन से धरने पर बैठे है। उनकी कोई सुनने वाला नहीं है।
दो दिन का मांगा समय, किसानों ने कहा चार दिन लो
नेशनल हाइवे पर जाम लगा रहे किसानों ने कहा कि सरकार या तो उनकी मांगे माने, वरना वह यहां से उठने वाले नहीं हैं। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने पहले किसानों से बातचीत कर उनसे दो दिन का समय मांगा, लेकिन किसानों ने कहा कि वह दो दिन की बजाय चार दिन ले, लेकिन कोरा आश्वासन न दें। किसानों ने कहा कि चार दिन तक उनका धरना चलता रहेगा। लेकिन चार दिन बाद भी कोई फैसला न आया, तो आंदोलन की तैयारी होगी।
क्या है मामला :
भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश संगठन सचिव हरपाल, बाबू राम गुंदियाना, संजू, बाबूराम, रणधीर, रमनदीप, रविन्द्र, रामकुमार ने बताया कि वर्ष 2007 में मानकपुर इंडस्ट्रीयल एरिया फेस दो के लिए गांव उघमगढ़, घड़ी बंजारा व मानकपुर की करीब 260 एकड़ जमीन अधिगृहण की गई थी। इसके दो वर्ष बाद किसानों को 2009 में आठ लाख रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजा मिला, लेकिन यह मुआवजा उपजाऊ भूमि के हिसाब से पर्याप्त नहीं था।
उचित मुआवजे की मांग को लेकर किसानों ने कोर्ट की शरण ली, जहां से 2015 में सरकार को उनकी जमीन का 30-30 लाख रुपये देने के आदेश दिए गए। लेकिन उसके बाद भी मुआवजा नहीं दिया गया।