आज भारतीय किसान संघ की बैठक रतन सिंह देवधर की अध्यक्षता में गांव खजूरी में हुई। इसमें प्रदेश के वरिष्ठ उपाध्यक्ष रतन सिंह ने कहा कि आज किसान की आर्थिक हालत बहुत खराब हो गई है। जिस दिन से भाजपा की सरकार राज्य में बनी है, वह साहूकारों और इंडस्ट्री के मालिकों की एजेंट बनकर काम कर रही है और किसानों को लुटवाने का काम कर रही है। दो वर्ष पहले पॉप्लर का भाव 1300 से 1400 रुपये था, लेकिन जिस दिन से यह सरकार बनी, उस दिन से लगातार पॉप्लर और सफेदे के भाव गिर रहे हैं। आज 400 से 500 रुपये में बिक रहे हैं। अगर हालात ऐसे ही रहे तो वह दिन दूर नहीं, जब किसान लकड़ी को खेत से उखाड़ फेकेंगे। युवा प्रदेश अध्यक्ष विकास राणा ने कहा कि धान की हालात भी पिछले दो वर्ष से किसी से छिपा नहीं है, जो बारीक धान 4500 से 6000 रुपये प्रति क्विंटल बिकती थी, वह आज 1600 से 2200 रुपये प्रति क्विंटल बिक रही है।
मोटे धान की भी लुटाई हो रही है, जो धान सरकार 1510 रुपये में खरीदनी थी, वो 1200 से 1300 रुपये में लूटी जा रही है। जिला अध्यक्ष रामबीर सिंह नें कहा कि अभी सरकार गन्ने के रेट को भी बढ़ाने से मनाकर रही है। पिछले दो वर्षों से गन्ने का भाव भी नहीं बढ़े हैं, लेकिन किसान की लागत बढ़ी है। आज के चीनी के भाव 40 रुपये प्रतिकिलो को देखते हुए गन्ने का भाव 400 रुपये प्रति क्विंटल होना चाहिए। अगर गन्ने का भाव नहीं बढ़ाया गया तो किसान काली दीवाली मानाने को मजबूर होंगे। इसका खामियाजा आने वाले चुनाव में सरकार को भुगतना पड़ेगा, क्योंकि किसान वर्ग बहुत बड़ा कुनबा है, जो पूरे चुनाव को प्रभावित करेगा।