घाड़ क्षेत्र के गांव भमनौली में मंगलवार दोपहर बाद खेतों में सिंचाई कर रहे युवक को गन्ने के खेत में हथियारों से लैस दो सिख दिखाई दिए। दो दिन पूर्व पंजाब की नाभ जेल से भगे कैदियों के मामले के मद्देनजर उक्त दोनों लोगों को ग्रामीणों ने उग्रवादी समझ लिया। उग्रवादी दिखने की सूचना गांव समेत जिलेभर में आग की तरह फैल गई। सरपंच से सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने गांव व आसपास के क्षेत्र में छानबीन की, किंतु उक्त लोगों को कोई सुराग नहीं लग पाया।
गांव के युवक ने जैसे ही खेतों में हथियारों से लैस दो सिख युवकों को देखा, वह सहम गया और तुरंत इस बारे ग्रामीणों व सरंपच को सूचित किया। गांव के लोगों ने घटना को पंजाब की नाभ जेल से भागे कैदियों के मामले से जोड़ते हुए उक्त दोनों सिख युवकों को उग्रवादी समझ लिया। पूरे गांव के लोग तुरंत उस जगह पहुंच गए, जहां गांव के युवक द्वारा हथियारों से लैस दो सिख देखे गए। देखते ही मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। सरपंच ने इसकी सूचना थाना बिलासपुर पुलिस को दी। सूचना मिलते ही थाना बिलासपुर प्रभारी नवीन कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। गांव समेत आसपास के पूरे क्षेत्र में पुलिस ने छानबीन की, किंतु कोई भी संदिग्ध व्यक्ति नहीं मिला।
उग्रवादी नहीं, शिकारी थे, युवक को वन विभाग का कर्मी समझ भागे
पूरे मामले की गहनता से छानबीन करने के पश्चात थाना प्रभारी नवीन कुमार ने बताया कि वह कोई उग्रवादी नहीं, बल्कि शिकारी थे, जो गांव के युवक को वन विभाग के कर्मचारी समझ भाग निकले। भमनौली जमीन के साथ सोमनदी व जंगल को बहुत बड़ा क्षेत्र है। उसमें सुअर व अन्य जंगली जानवर निकलते हैं, कुछ शिकारी चोरी छिपे शिकार करने निकलते हैं। ये उसी तरह के लोग थे, किसान ने दूर से देख उन्हें उग्रवादी समझ लिया। पूरे क्षेत्र की गहनता से छानबीन कर ली गई है। कहीं पर भी कोई संदिग्ध व्यक्ति नहीं है। किसान व ग्रामीण अपने दैनिक कार्यों को बिना खौफ के कर सकते हैं।