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नकदी के लिए मारा-मारी जारी, एटीएम से भी नहीं मिल रही राहत

Tue, 29 Nov 2016 11:40 PM IST
amar ujala beuro yamunanagar
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 क्षेत्र के बैंकों में कैश लेने के लिए मारामारी अब भी जारी है। लोग सुबह से ही लाइनों में आकर लग जाते हैं, लेकिन दोपहर तक ही बैंक की शाखाओं में कैश खत्म हो जाता है। जिससे लोगों को निराश होकर लौटना पड़ता है। सबसे अधिक परेशानी बुजुर्गाें को उठानी पड़ रही है। जैसे तैसे बुजुर्ग बैंक शाखा में पहुंचते हैं मगर यहां आकर धक्का-मुक्की का सामना करना पड़ता है। धक्का-मुक्की व लाइनों में लगने के बावजूद बुजुर्गों को पूरी पेंशन नहीं मिल रही। उधर, कई बैंकों के एटीएम वर्किंग हो गए हैं, लेकिन उससे भी राहत नहीं मिल रही है। एटीएम में कैश उपलोड होते ही बाहर लंबी लाइनें लग रही है, जिससे भी लोगों को दिक्कतें उठानी पड़ रही है।  कैंप क्षेत्र में सिंडकेट, पीएनबी तथा एसबीआई की शाखाएं हैं। तीनों बैंकों की शाखाओं के बाहर लंबी लाइनें लग रही है। घंटों लाइन में लगने के बाद भी लोग को पर्याप्त कैश नहीं मिल रहा है। जिससे भी लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
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चार दिन के बाद मिले एक हजार रुपये
पुराना हमीदा निवासी शमां का कहना है कि एक हजार रुपये बैंक से निकलावने के  लिए चार दिन से लगातार आ रही हूं। जब तब तक उसका नंबर आता, बैंक में कैश खत्म हो जाता। मंगलवार को भी सुबह नौ बजे बैंक पहुंच गई थी। तीन बजे तक लाइन में लगी रही, जिसके बाद उसे एक हजार रुपये भी मिले हैं। शमा ने बताया कि घर में आटा भी खत्म है और पैसे भी नहीं मिल रहे थे।

तीन शादी समारोह है, दस हजार भी नहीं मिल रहे
रणजीत कालोनी निवासी हरीश चंद्र का कहना है कि रिश्तेदारी में तीन शादी समारोह है। जिसमें एक लुधियाणा और दो दिल्ली में हैं। उसे दस हजार रुपये की जरूरत थी। वह बैंक में पैसे निकलवाने के लिए गया था। लेकिन बैंक मैनेजर ने दस हजार रुपये देने से इंकार कर दिया और बताया कि दो हजार रुपये ही मिलेंगे। शाखा प्रबंधक से बात कर अपनी मजबूरी भी बता दी, लेकिन उन्होंने उसे अनसुना कर दिया। वह सीनियर सिटीजन है, लेकिन उसे कोई प्राथमिकता भी नहीं दी गई।  
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वृद्धा खाना लेकर पहुंची पेंशन लेनी:  
पुराना हमीदा निवासी 85 वर्षीय दयावंती का कहना है कि वह सुबह सात बजे ही बैंक के बाहर लाइन में लग गई। वह पेंशन लेने के लिए आई थी। दोपहर एक बजे तक उसका नंबर आया, लेकिन उसे एक हजार रुपये हीभ दिया गया। दयावंती का कहना है कि एक हजार रुपये से उसका काम नहीं चलेगा। चार सौ रुपये उसके लिए बड़ी रकम है।  दयावंती ने बताया कि वहां खाना साथ लेकर आई थी और लाइन में लग कर ही खाना भी खाया।

चौथे दिन मिली पेंशन:
आदर्श नगर निवासी 80 वर्षीय शिक्षा देवी नेत्रहीन है और चार दिन से पेंशन लेने के लिए चक्कर लगा रही है। शिक्षा देवी ने बताया कि पीएनबी में उसकी पेंशन आती है। अपने दामाद के साथ स्कूटर पर आती है, लेकिन भीड़ की वजह से शाखा के अंदर भी नहीं जा पाती थी और यूं ही घर जाना पड़ता था। उसके खाते में तीन महीने की पेंशन थी, जिसे देखते हुए शाखा प्रबंधक ने उसे चार हजार रुपये दे दिए।

और यूं ही लौटना पड़ा पेंशनधारकों को:
बैंक में वृद्धावस्था सम्मान भत्ता लेने पहुंचे कई बुजुर्गों को यूं ही लौटना पड़ा। नवाब कालोनी निवासी कस्तूरी देवी, लीला वंती, पुराना हमीदा निवासी हनीफा, नजरीन तथा वीना नगर निवासी इशो देवी ने बताया कि पेंशन लेने आई थी, लेकिन यहां बहुत मारामारी है। जिस वजह से वह शाखा के अंदर भी नहीं जा पाई। थक-हार कर वह शाखा के बाहर ही बैठ गई। जब तक भीड़ कम हुई, तब तक कैश भी खत्म हो गया। करीब तीन घंटे तक बैंक के बाहर बैठी रही, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। महिलाओं ने बताया कि दवा लेने को भी मोहताज हो गई है।
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