नोट बंदी के बावजूद जम्मू कालोनी के परिवार को शादी समारोह का आयोजन करने के लिए बैंक से सवा दो लाख रुपये कैश मिल गया। इससे परिवार में शादी की खुशियां दोगनी हो गई। केंद्र सरकार की ओर से दो दिन पहले ही शादी वाले परिवार को ढ़ाई लाख रुपये कैश देने का निर्णय लिया गया था।
जम्मू कालोनी-बी निवासी दाताराम भट्ट बिजली निगम से फोरमैन रिटायर हैं। उनके बेटे आशुतोष की 25 नवंबर को शादी है और ऋषिकेश बारात जानी है। शादी को लेकर परिवार के सदस्य खुश थे और तैयारियां भी जोरों पर चल रही थी। इसी बीच आठ नवंबर को केंद्र सरकार ने पांच सौ और हजार के नोट बंद कर दिए। शादी की खुशी थी, लेकिन बिना कैश के तैयारी कैसी होगी, इसे लेकर परेशानी बनी हुई थी। जिससे परिवार के सदस्य कुछ तनाव में थे। शनिवार को परिवार को बैंक की ओर से सवा दो लाख रुपये मिल गए हैं, जिससे परिवार के सदस्यों की खुशी दोगनी हो गई। उनकी पत्नी उषा भट्ट, बेटे दीपक कुमार, आशुतोष, बेटी साक्षी, पोत्र आदि व बची राम शर्मा खुश हैं। अब शादी में तीन दिन रह गए हैं और परिवार के सदस्य फिर से शादी की तैयारियों में लग गए हैं।
मैनेजर को शादी कार्ड के साथ दिया पत्र
दाताराम भट्ट बताते हैं कि दो दिन पहले केंद्र सरकार की ओर से निर्णय लिया गया था कि शादी वाले परिवार को ढ़ाई लाख रुपए बैंक से निकालने की अनुमति मिलेगी। जिसके बाद वह शनिवार को शुगर मिल स्थित बैंक शाखा में गए थे। यहां पहले शाखा प्रबंधक से बात की और फिर शादी कार्ड के साथ शाखा प्रबंधक को प्रार्थना पत्र दिया। जिसके बाद उन्होंने सवा दो लाख रुपये कैश देने की मंजूरी दे दी। हालांकि उनकी ओर से ढ़ाई लाख रुपये की डिमांड रखी गई थी, मगर बैंक की ओर से सवा दो लाख रुपये का कैश दिया गया। इससे पूरा परिवार खुश है। दाताराम ने बताया कि वह बैंक कर्मियों की कार्यप्रणाली से पूरी तरह संतुष्ट हैं।
34 हजार रुपये निकलवा चुके हैं पहले भी
दाता राम ने बताया कि वह तीन चार दिन से बैंक के चक्कर लगा रहे थे। इसी दौरान परिवार के सदस्य 34 हजार रुपये का कैश भी निकलवा चुके हैं। लेकिन शादी की तैयारियों से इतनी रकम से कुछ नहीं होना था। अब उन्हें सवा दो लाख रुपये मिल गए हैं। इससे काफी हद तक शादी का खर्च चल जाएगा। उन्होंने बताया कि शादी में खर्च काफी होता है। पुराने नोट कोई ले नहीं रहा है और नए नोट मिल नहीं थे। हर छोटे बड़े काम के लिए पैसे की जरूरत पड़ रही थी। कुछ जगह उधार या चेक से काम चलाया जा सकता है, लेकिन कई छोटे काम के लिए नगदी की जरूरत पड़ती है। उन्होंने कहा कि सरकार को शादी व अन्य समारोह वाले परिवार को नगदी निकलाने की अनुमति देनी चाहिए।
बैंक व डीसी कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं लोग
इन दिनों मैरिज सीजन चल रहा है और ट्विन सिटी में बड़ी संख्या में शादी समारोह हो रहे हैं। नोटबंदी के कारण जिन घरों में शादी हैं, उन्हें परेशानी उठानी पड़ रही है। लोग बैंक व डीसी कार्यालय में चक्कर लगा रहे हैं। जगाधरी निवासी नरेश कुमार ने बताया कि 26 नवंबर को शादी है। वह बैंक में गया था और डीसी कार्यालय में भी गया था। दोनों जगह से संतोषजनक जवाब नहीं मिला है।