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दलित दूल्हे को घोड़ी से उतारने पर 16 लोगों पर केस दर्ज

Thu, 13 Oct 2016 12:16 AM IST
amar ujala beuro panipat
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cnb - फोटो : cvn
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गांव कनालसी में घुड़चढ़ी के दौरान दलित दूल्हे को घोड़ी से उतारने के मामले में बुधवार को दलित पक्ष के लोगों ने बुड़िया थाना में शिकायत दी। देर शाम पुलिस ने राजपूत समुदाय के 16 लोगों पर केस दर्ज कर लिया गया है। इससे पहले दोनों पक्षों ने गांव में अलग अलग जगह बैठक की और एक दूसरे पर पंचायत में न आने के आरोप जड़े। देर शाम एसडीएम प्रेम चंद, डीएसपी हैडक्वार्टर आदर्श दीप सिंह व बुडिय़ा एसएचओ हरदीपेंद्र सिंह गांव में पहुंचे और दोनों समुदायों के लोगों को शांति बनाए रखने की अपील की।
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कनालसी गांव निवासी कर्मचंद सोमवार रात घुड़चढ़ी के लिए गोगा माड़ी पर जा रहे थे। इस दौरान उनके परिवार ने राजपूत समुदाय के कुछ लोगों पर घोड़ी से उतारने का आरोप लगाया था। इस सिलसिले में बुधवार सुबह डेढ़ घंटा दलित समाज के लोगों ने पंचायत की। जहां पर लोग बोले की क्या घुड़चढ़ी के लिए वे जहाज से जाएं।

दूल्हे के पिता पाला राम, ग्रामीण बृजपाल, डा. समीर, इन्द्रराज, पंच शीशपाल, पंच कुलदीप, पंच गुरबख्श सिंह, सुखदेव, सोनू राम, पूर्व सरपंच पीरु राम, श्याम लाल, अमर सिंह, राम लाल व जोगेंद्र ने बताया कि ये घटना समाज के अन्य किसी व्यक्ति के साथ दोहराई जा सकती है। इसलिए वे कड़ी कार्रवाई चाहते है। उनका ये भी आरोप है कि पंचायत में सरपंच सहित समुदाय के लोगों को आमंत्रित किया गया था, लेकिन वे नहीं आए। इसलिए पंचायत के बाद ग्रामीणों ने बुडिय़ा थाना में लिखित शिकायत दी। इसी दौरान डीएसपी हैडक्वटर आदर्शदीप सिंह ने भी उनकी बात सुनी।
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चौकीदार के माध्यम से दलित समुदाय को दी थी पंचायत की सूचना :
गांव की सरपंच मंजू देवी के पति राजकुमार ने बताया कि उन्होंने स्कूल में पंचायत रखी थी। चौकीदार के माध्यम से पंचायत की सूचना दलित समुदाय को दी गई थी। लेकिन वे नहीं आए। एक घंटा इंतजार की। इसके बाद उन्होंने अपनी बैठक में समाज के लोगों के साथ इंतजार किया। उनका कहना है कि इंसाफ के लिए समय व सबूत चाहिए। मामला घोड़ी से उतारने का नहीं है। इस मामले को तूल दिया जा रहा है। समुदाय के लोग नशे में धूत डीजे पर हुड़दंग मचा रहे थे। फिर भी जांच में कोई दोषी मिलता है तो वे सजा देने को तैयार हैं। इस पूरे मामले में राजपूत समुदाय बेकसूर है। बैठक के बाद उन्होंने भी बुडिय़ा थाना जाकर अपना पक्ष रखा और दलित समाज के साथ बातचीत की। उनके साथ पूर्व सरपंच मेघ सिंह, बलजीत सिंह, रामकुमार, इन्द्रजीत, भोपाल सिंह, रणधीर सिंह व शिव कुमार मौजूद रहे।

ले सकते है बड़ा निर्णय
विवाद के तीसरे दिन दलित समुदाय के पक्ष में बसपा के  जिला अध्यक्ष जयराम ज्ञानेवाला अपने कार्यकर्ताओं के साथ कनालसी गांव में पहुंचे। उन्होंने थाना में अपनी बात रखी और कहा कि समुदाय पर पहले भी इस तरह के वाक्य हो चुके है। वे इस मामले में कड़ी कार्रवाई चाहते है। उधर राजपूत बिरादरी की ओर से भी राष्ट्रीय सभा के लोग गांव पहुंच गए है। उनका कहना है कि वे भी कड़ा निर्णय ले सकते है, क्योंकि इस मामले में जबरन फंसाया जा रहा है। उनका कहना है कि वे भी दलित समाज के खिलाफ कोई बड़ा निर्णय ले सकते है। मसलन खेतों में जाने व शौच करने पर पाबंदी। इतना ही नही लेबर का कार्य भी उनसे नहीं लिया जाएगा। इस मामले में वे जल्द ही बिरादरी के लोगों के साथ पंचायत करेंगे।

निष्पक्ष की जाएगी जांच : एसडीएम
वे पुलिस अधिकारियों के साथ गांव में गए थे। सरपंच और अन्य लोगों ने पाला राम के घर जाकर इस मामले में बात की थी। मामला घोड़ी से उतारने का नहीं है बल्कि डीजे बंद करवाने का है। दोनों समुदायों के लोगों से मामले की जानकारी ली जा रही है। मामले में निष्पक्ष जांच की जाएगी। किसी के साथ भी अन्याय नहीं होगा।
प्रेमचंद गांगल, एसडीएम जगाधरी।

दलित समुदाय की शिकायत के आधार पर राजपूत समुदाय के 16 लोगों पर मामला दर्ज कर लिया गया है। मामले में एससी एक्ट सहित विभिन्न धाराएं लगाई गई है। मामले की जांच की जा रही है।
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- हरदीपेंद्र सिंह, एसएचओ, थाना बुडिय़ा।
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