तीन दिनों से बैंक बंद होने की वजह से परेशान लोगों को मंगलवार को बैंक खुलने पर राहत मिलेगी, इसकी उम्मीद कम ही है। मंगलवार को बैंकों में खासी भीड़ होगी, ऐसे में नगदी लेने के लिए लोगों को खासी मशक्कत करनी पड़ेगी। वहीं बैंक बंद होने के कारण तीन दिन से क्लीरिंग का काम भी अटका हुआ है, जिसकी वजह से लोगों को परेशानी उठानी पड़ी।
बैंक बंद होने के बाद लोग एटीएम के भरोसे थे, मगर वहां से उन्हें कुछ सहारा नहीं मिला। छुट्टियों में लोग एटीएम कार्ड हाथ में लेकर एक एटीएम से दूसरे एटीएम के चक्कर लगाते रहे, मगर कोई फायदा नहीं हुआ। जिले में सिर्फ गिने चुने ही एटीएम चले, लेकिन वहां भी लंबी कतारें लगी रहीं। जिसकी वजह से कुछ ही देर में एटीएम भी कैशलैस हो गए।
कई एटीएम पर चक्कर लगता रहा, एक में मिला कैश
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया रादौर रोड की शाखा के एटीएम के बाहर एक घंटे से लाइन में लगे पटेल नगर निवासी अतुल सिंह ने बताया कि करीब एक घंटा और लग जाएगा। अतुल ने बताया कि दो एटीएम कार्ड लेकर आया हूं। इससे पहले एचडीएफसी बैंक के एटीएम में गया था वहां कैश नहीं था। इसी दौरान पता चला कि रादौर रोड स्थित एटीएम में कैश आया गया है। तुरंत मौके पर पहुंच गया। घर खर्च के लिए नगदी की जरूरत है। आज छुट्टी थी, कल बैंक में भीड़ भी अधिक होगी। इसलिए एटीएम की लाइन मे लगना ही ठीक समझा।
इंटरव्यू देने जाना है: सविंद्र
पुराना हमीदा निवासी सविंद्र कुमार का कहना है कि बुधवार को इंटरव्यू देने जाना है। पहले कई बैंकों के एटीएम का चक्कर लगाया, कहीं भी नगदी नहीं थी। निराश होकर घर जा रहा था कि रास्ते में एटीएम के बारह लाइन लगी हुई है। इसलिए मैं भी यहां आकर लाइन में लग गया। लाइन लंबी है, लेकिन उम्मीद है कि कैश मिल जाएगा। बुधवार को इंटरव्यू पर जाने के लिए पैसों की बहुत जरुरत है। मंगलवार को बैंक में बहुत भीड़ होगी, इसलिए एटीएम से नगदी निकलवाने के लिए आया हूं।
हमारे लिए तो पांच दिन से बैंक बंद
कैंप निवासी दीपक कुमार का कहना है कि हमारे लिए तो पांच दिन से बैंक बंद है। गुरुवार को बैंक में आए थे, लेकिन तब तक वहां कैश खत्म हो चुका था। शुक्रवार को बैंक में कैश ही नहीं आया था। आगे तीन दिन की छुट्टी रही, अब मंगलवार को फिर से बैंक मेें जाना होगा। पता नहीं कि मंगलवार को भी नगदी मिलेगी या नहीं।
छुट्टियों में क्लीयरिंग भी अटकी, लेन देने हुआ प्रभावित
बैंकों की तीन दिन की छुट्टियों के कारण क्लीयरिंग का काम भी नहीं हो पाया। जिससे भी लोगों को लेन देने करने में परेशानी आई। बैंक उपभोक्ता राकेश कुमार ने बताया कि उन्हें किसी से पेमेंट लेनी थी। वीरवार को बैंक में कैश नहीं आई थी और शुक्रवार को बैंक में कैश खत्म हो गई। ऐसे में उसके जानकार ने शाम को उसे चैक से पेमेंट दी। अब मंगलवार को चेक क्लीयरिंग में लगेगा और बुधवार या गुरुवार को पेमेंट आएगी। उसके बैंक से नगदी निकलवाने भी आसान नहीं होगा।
बैंक की बजाए एटीएम से ही मिले कैश
बैंक उपभोक्ताओं की मांग है कि सरकार बैंक शाखा की बजाए एटीएम के माध्यम से ही नगदी निकालने को प्राथमिकता दें। इससे उपभोक्ताओं को खासा फायदा मिलेगा। बैंक उपभोक्ता मोहित, प्रवीण कुमार, आज्ञापाल सिंह, रमेश कुमार ने बताया कि बैंक शाखा में अधिकारी मनमर्जी करते हैं। जान पहचान के लोगों को अधिक भुगतान दिया जाता है, जबकि लाइन में लगे आम आदमी को नगदी का भुगतान कम किया जाता है। लोग घंटों लाइन में लगते हैं, लेकिन उन्हें नगदी नहीं मिलती। जबकि कुछ लोग जानकारी का फायदा उठाकर मिनटों में पैसें ले जाते हैं। साथ ही बैंक अधिकारी भाई भतीजा वाद भी करते हैं। एक उपभोक्ता को दो हजार रुपये का भुगतान करते हैं, जबकि दूसरे को 10 से 20 हजार रुपये का भुगतान कर देते हैं। इस पर भी रोक लगनी चाहिए। इसलिए एटीएम से नगदी निकालने की लिमिट को बढ़ाया जाना चाहिए और एटीएम में कैश भी अधिक डाला जाना चाहिए।
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