बिलासपुर-छछरौली मुख्य मार्ग पर गांव दरियापुर से संखेड़ा जाने वाली सड़क महज एक सप्ताह में ही टूट कर क्षतिग्रस्त हो गई। बता दें कि गांव दरियापुर से संखेड़ा तक मार्ग की लंबाई लगभग दो किलोमीटर है। इसको करनाल की एक निजी कंपनी ने बनाया है, लेकिन सड़क निर्माण में प्रयुक्त सामग्री की गुणवत्ता की जांच करने की जहमत विभाग के किसी अधिकारी ने नहीं उठाई। इसी का परिणाम यह हुआ कि सड़क के बनने के आठ दिनों में ही इससे पत्थर, रेत, बजरी उखड़ कर बाहर आ गए है। इस कारण आसपास के ग्रामीणों में पीडब्ल्यूडी विभाग की कार्यप्रणाली के प्रति गहरा रोष पनप रहा है।
सड़क के बनने के कुछ ही दिनों बाद टूट जाने के कारण ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण जंगेशर सिंह, ओमकार सिंह, रणबीर सिंह, बीर सिंह पूर्व सरपंच ने कहा कि यह सड़क लगभग पंद्रह साल पूर्व बनाई गई थी। इसके बाद आज तक किसी भी राजनीति पार्टी के नेता, उच्च अधिकारी व विभाग के अधिकारी ने इसे दुरुस्त कराने व पुन बनवाने का प्रयास नहीं किया। इससे परेशान होकर अब ग्रामीणों ने एकत्रित होकर राजनेताओं के चक्कर काट सड़क के पुन निर्माण का कार्य कराया था। लेकिन सड़क के बनते ही सात-आठ दिनों के भीतर यह टूटती नजर आ रही है।
किसानों का कहना है सड़क की हालत ऐसी है कि जब वह खेतों में अपने ट्रैक्टर को मुख्य सड़क पर चढ़ाते हैं तो सड़क पर गिराया गया घटिया किस्म को तारकोल, रेत, बजरी, गटका उखड़ जाता है। इसके साथ सड़क पर पैदल भी नहीं चला जा सकता है। मार्ग से मंगलवार व शनिवार को सैकड़ों श्रद्धालु जगाधरी से पंचमुखी हनुमान मंदिर में पूजा अर्चना करने के लिए भी आते हैं। इस मार्ग से बिलासपुर, छछरौली, जगाधरी स्थित शिक्षण संस्थानों के वाहन भी गुजरते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि विभाग की लापरवाही इस बात से साफ जाहिर होती है कि सड़क के निर्माण के समय विभाग के किसी भी अधिकारी ने सड़क निर्माण में प्रयुक्त हो रही सामग्री की जांच करनी उचित नहीं समझी। इसका खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है।
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