फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एक महीना बाद भी कैश की किल्लत बरकरार

Thu, 08 Dec 2016 11:59 PM IST
amar ujala beuro yamunanagar
विज्ञापन
s - फोटो : amar ujala
विज्ञापन
नोटबंदी के 30वां दिन बीत जाने के बाद भी नोटों की किल्लत बनी हुई है। बैंकों मेें पर्याप्त मात्रा में कैश न आने के कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों के बैंकों में कैश कम आने पर लोगों के सब्र का बांध टूटता नजर आ रहा है। वीरवार को दो बैंकों में ग्राहकों ने जमकर हंगामा किया। पुलिस ने मौके पर आकर लोगों को समझा-बुझा कर शंात करवाया।
विज्ञापन


भगवान गढ़ स्थित पंजाब नेशनल बैंक में सुबह खुलने से पहले बड़ी संख्या में लोग रकम निकालने के लिए आए थे। लोग काफी देर तक कैश मिलने का इंतजार करते रहे। करीब डेढ़ घंटे बाद बैंक प्रशासन ने बाहर कैश न होने की सूचना लगा दी। इससे लोग भड़क गए और हंगामा करने लगे। उन्होने बैंक का शटर बंद करने का प्रयास किया। लोगों को कहना था कि यदि कैश नहीं था तो बैंक खुलते ही बता देते, इतनी देर लाइन में खड़े रहने के बाद सूचना क्यों लगाई गई। वहीं बैंक मैनेजर का कहना था कि उन्हें उम्मीद थी कि कुछ देर में कैश आ जाएगा, लेकिन जब कैश न आने का पता चला तो उसी समय सूचना लगा दी गई थी।

बैंक में हंगामे की सूचना मिलने पर बूडिय़ा गेट चौकी पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने लोगों को समझा-बुझा कर शांत करवाया। बूडिय़ा गेट चौकी इंचार्ज जय नारायण ने बताया कि बैंक में हंगामे की सूचना मिलने पर पुलिस वहां पहुंची थी। लोगों को समझाकर वापस भेज दिया गया। लोगों में इस बात का रोष था कि यदि कैश नहीं आना था तो सुबह ही बता देते, इतनी देर इंतजार क्यों करवाया।
विज्ञापन


न मिल रहा कैश, न क्लीयर हो रहे चेक
जठलाना स्थित एचडीएफसी बैंक में कैश न मिलने पर लोगों ने हंगामा मचाया। लोगों को उग्र होता देखकर बैंक कर्मचारियों ने भीतर से शटर बंद कर दिया। बैंक में आए उन्हेड़ी निवासी नरेश राणा ने बताया उन्हें 10 हजार रुपये का चेक मिला था, जिसे लेकर वह 22 नवंबर से बैंक आ रहे हैं। कई बार बैंक आने के बाद भी उन्हें चेक की पेमेंट नहीं मिली है। हर बार बैंक कर्मचारी यही कहते है कि कैश नहीं है।

वहीं जठलाना निवासी मेनपाल ने बताया कि उनके पास 10 हजार रुपये का चेक है, जिसे कैश करवाने के लिए वह 18 नवंबर से बैंक के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन आज तक 10 हजार रुपये नहीं मिले। बैंक मेें आए मारूपुर के जयपाल, ओमपाल जठलाना, कर्मवीर अलाहर ने बताया कई दिनों से बैंक आ रहे हैं, लेकिन उन्हें कैश नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि शाम के समय जानकरों को कैश दे दिया जाता है। उन्होंने कहा कि बैंक में प्रतिदिन कितना कैश आ रहा है, इसकी सूचना सार्वजनिक की जानी चाहिए। इस बारे में बैंक के मैनेजर ने बताया कि बैंक में करीब पांच हजार खाते है, लेकिन कैश काफी कम आ रहा है। प्रतिदिन दो-तीन लाख रुपये कैश आता है, जिसे लोगों को बांट दिया जाता है।
विज्ञापन

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें