जगाधरी की ग्रीन विहार कॉलोनी में प्लाईवुड फैक्ट्री के विरोध में निवासियों ने आम जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ लघु सचिवालय में प्रदर्शन किया। उन्होंने फैक्ट्री के खिलाफ शिकायत करने पर भी कार्रवाई न किए जाने के विरोध में नगर निगम अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। साथ ही सीटीएम भारतभूषण कौशिक को डीसी के नाम ज्ञापन सौंपा।
ग्रीन विहार कॉलोनी के दर्जनों लोग आम जनता पार्टी के युवा प्रदेशाध्यक्ष प्रभजीत सिंह लक्की के नतृत्व में लघु सचिवालय में एकत्रित हुए और प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान प्रभजीत सिंह लक्की ने कहा जगाधरी की ग्रीन विहार कॉलोनी में प्लाइवुड फैक्ट्री नियमों को दरकिनार कर लगा दी गई है। क्षेत्र के लोगों ने नगर निगम अधिकारियों से शिकायत की। पहली शिकायत वर्ष-2015 में की गई। आरोप है शिकायत पर अधिकारियों ने कार्रवाई करने की बजाए फैक्ट्री मालिक से मिलीभगत कर फैक्ट्री लगने दी। लोगों ने शिकायत सीएम विंडो पर दी। सीएम विंडो की शिकायत पर नगर निगम अधिकारियों से इसकी रिपोर्ट मांगी गई।
इस दौरान अधिकारियों ने झूठी रिपोर्ट बनाकर भेज दी। संजीव कुमार ने आरोप लगाते कहा अधिकारियों ने खुद ही फर्जी साइन किए और आसपास के लोगों से भी झूठी गवाही करा ली। उनका कहना है रिहायशी एरिया में फैक्ट्री लगने से लोगों के जीवन से खिलवाड़ हो रहा है। रात के समय फैक्ट्री चलती है और इसके शोर से लोग सो नहीं पाते हैं वहीं, इससे वायु प्रदूषण भी फैल रहा है। इससे लोगों को बीमारी होने का डर सता रहा है। इस संबंध में कार्रवाई की मांग को लेकर कॉलोनी निवासियों के साथ आजपा के पदाधिकारियों ने प्रदर्शन के बाद सीटीएम भारतभूषण कौशिक को डीसी के नाम ज्ञापन सौंपा।
सीएम विंडो का मजाक बना रहे अधिकारी
आजपा के युवा प्रदेशाध्यक्ष प्रभजीत सिंह, जसविंद्र सिंह, बिटटू राणा, तुषार, कमल, योगेश शर्मा, विक्रम, अखिलेश और सतनाम सिंह ने कहा सीएम विंडो का अधिकारियों ने मजाक बना दिया है। एक तो शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं होती है, उस पर शिकायतों की झूठी रिपोर्ट बनाकर भेजी जा रही है। कहा सीएम विंडो के नाम पर अधिकारी मनमानी कर रहे हैं। जिसके खिलाफ शिकायत होती है, अधिकारी उसी का साथ देने लग जाते हैं। उनका आरोप है आरोपी से अधिकारी पैसे लेकर झूठी रिपोर्ट बनाते हैं। ग्रीन विहार कॉलोनी के लोगों की शिकायत में भी ऐसा ही हुआ है। सीएम को इसकी जांच करानी चाहिए, अगर झूठी रिपोर्ट बनाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती तो आजपा कार्यकर्ता फिर से सड़क पर उतरेंगे।