संवाद न्यूज एजेंसी
व्यासपुर। श्री ब्राह्मण धर्मशाला तीर्थ कपाल मोचन में चल रहे भगवान परशुराम संस्कृत कर्मकांड वेद विद्यालय में पढ़ रहे विद्यार्थियों का आचार्य श्रीकांत भारद्वाज शास्त्री ने 17 ब्राह्मचारियों का वैदिक विधि से यज्ञोपवीत संस्कार कराया। आचार्य ने बताया हिंदू धर्म में 16 संस्कार होते हैं जिनमें यज्ञोपवीत संस्कार भी महत्वपूर्ण संस्कार है।
विद्यार्थियों को यज्ञोपवीत के नियम, ब्रह्मचर्य के नियम सहित अक्षय तृतीया के उपलक्ष्य में भगवान परशुराम के विषय में भी बच्चों को बताया कि किस तरह उन्होंने धर्म की रक्षा के लिए राक्षसों का वध किया। शास्त्री ने कहा कि भगवान परशुराम कलयुग के अंत तक धरती पर विराजमान रहकर कल्कि अवतार के साथ मिलकर कलयुग का अंत करेंगे। श्री ब्राह्मण धर्मशाला तीर्थ कपालमोचन के प्रधान संदीप शर्मा ने समाज को एकजुट होकर कार्य करने बारे में अपने विचार रखे। इस मौके पर ओमप्रकाश शर्मा, विजय मौदगिल, राजेश शर्मा, विजय भारद्वाज, नरेश शर्मा आदि मौजूद रहे।