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Yamuna Nagar News: थाईलैंड में दमखम दिखाएगा पहलवान कुशाल

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कुश्ती जीतने के बाद कोच के साथ पदक दिखाता कुशाल। स्वयं
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संवाद न्यूज एजेंसी
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जगाधरी। दस वर्ष की आयु में जब बच्चे साइकिल चलाना सीख रहे होते हैं, उस उम्र में व्यासपुर के गांव अजीजपुरकलां के कुशाल काजल अखाड़े में उतर गया था। दस वर्ष आयु से ही कुशाल ने कुश्ती सीखना शुरू कर दिया था और अब वह थाईलैंड में होने वाली वर्ल्ड चैंपियनशिप की अंडर-15 श्रेणी में अपने जौहर दिखाएगा।
शानदार दांवपेंज व गजब की फुर्ती के दम पर कुशाल ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। कुशाल का चयन भारतीय कुश्ती संघ की ओर से किया गया है। अजीजपुर कलां निवासी कुशाल 11वीं का छात्र है और कुश्ती उसका जुनून है। दस वर्ष की आयु से ही उसने स्वयं को कुश्ती के लिए समर्पित कर दिया था।
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बेहतरीन खेल के चलते कुशाल ने अंडर-14 स्कूल नेशनल गेम्स में कांस्य पदक जीता था। इसके बाद कुशाल ने तमिनाडू के सलेम में भारतीय कुश्ती संघ की ओर से करवाई राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लिया। कुशाल ने प्रतिद्वंद्वियों को पटखनी देते हुए इसमें स्वर्ण पदक जीतकर जिले का नाम रोशन किया।
इसके बाद संघ की ओर से उसका चयन संयुक्त विश्व कुश्ती चैंपियनशिप के लिए किया गया। यह प्रतियोगिता थाईलैंड में करवाई जाएगी और इसकी अंडर-15 आयु वर्ग श्रेणी में कुशाल भारत का नेतृत्व करेगा। कोच अमित कुमार ने बताया कि चयन के बाद कुशाल इस विश्व प्रतियोगिता की तैयारी में जुट गया है। वह फिलहाल सोनीपत के रायपुर में कुश्ती की एडवांस ट्रेनिंग ले रहा है।
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यह ट्रेनिंग भारतीय नौ सेना के टीम की ओर से करवाई जा रही है। इसमें कुशाल कुश्ती के एडवांस दांवपेंच सीखकर अपने खेल को और निखारेगा। कुशाल प्रतिदिन सुबह व शाम तीन से चार घंटे अभ्यास करता है। कोच अमित ने बताया कि कुशाल की तकनीक, दांवपेंच व कुश्ती के प्रति समर्पण उसे अन्यों से अलग बनाता है। कुशाल ने बताया कि सपना ओलंपिक, काॅमनवेल्थ, एशिया गेम्स में देश के लिए खेला और पदक जीतकर नाम रोशन करना है।
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