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Yamuna Nagar News: मां चंद्रघंटा की आराधना कर मांगी मनौती

Sun, 22 Mar 2026 12:44 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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जगाधरी के देवी भवन मंदिर में घंटी बजाकर मन्नत मांगते श्रद्धालु। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
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जगाधरी। चैत्र नवरात्र के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की उपासना की गई। तड़के कपाट खुलते ही मंदिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। मंदिरों में भक्तों ने मां चंद्रघंटा की पूजा कर परिवार की सुख-समृद्धि के लिए वरदान मांगा। वहीं घरों में भी भक्तों ने नित्य क्रियाओं के बाद विधि विधान से मां की पूजा कर मनौतियां मांगीं।
नवरात्र से नगरी का वातावरण भक्तिमय हो गया है। इस दौरान जिले के तमाम मंदिरों व घरों से शंखनाद के साथ माता रानी के जयकारे सुनाई दिए। नवरात्र के कारण मां भगवती के अलावा तमाम मंदिरों में भक्तों की भीड़ देखने को मिल रही है। नवरात्र के कारण मंदिरों में नित वैदिक कर्म व अनुष्ठान करवाए जा रहे हैं। सुबह-शाम विशेष पूजा व आरती की जा रही है, जिससे वातावरण भक्तिमय हो गया।
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शनिवार को तीसरे दिन मां चंद्रघंटा का पूजन किया गया। इस दौरान सबसे ज्यादा देवी भवन मंदिर, श्रीमूर्ति देवी मंदिर, नैना देवी मंदिर सहित जिले के अन्य पौराणिक व एतिहासिक मंदिरों में भीड़ देखने को मिली। सुबह से देर शाम तक मंदिरों में भक्तों का तांता लगा रहा। इस दौरान मंदिरों में भजन संकीर्तन व जाप इत्यादि कार्यक्रम भी करवाए जाए रहे हैं। नवरात्र को लेकर भक्तों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है।
चौथे नवरात्र पर मां कूष्मांडा की पूजा का विधान है। ज्योतिषाचार्य पंडित रमन वत्स ने बताया कि मां कूष्मांडा को ब्रह्मांड की रचयिता माना जाता है। अपनी हंसी से ब्रह्मांड उत्पन्न करने वाली देवी कुष्मांडा की पूजा से बुद्धि, निर्णय लेने की क्षमता व आरोग्यता प्राप्त होती है। इस दिन पीले रंग के वस्त्र, केसरिया पेड़े या मालपुए का भोग लगाना शुभ माना जाता है।
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ऐसे करें मां कूष्मांडा की पूजा
ज्योतिषाचार्य पंडित ललित शर्मा ने बताया कि मां दुर्गा का चौथा रूप मां कूष्मांडा अष्टभुजाधारी हैं। मां के हाथों में कमल, धनुष, बाण, कमंडल, गदा, चक्र और जपमाला धारण की है। मां कूष्मांडा को ब्रह्मांड की जननी और अधिष्ठात्री शक्ति भी कहा जाता है। मां का वास सूर्यमंडल के भीतरी लोक में है और मान्यता है कि सूर्य को मां कूष्मांडा ही शक्ति व ऊर्जा प्रदान कर सकती हैं। उन्होंने बताया कि मां की पूजा के लिए सुबह स्नान के बाद पीले वस्त्र धारण करें। मां को कुमकुम, मौली, पीले फूल और सुगंधित इत्र अर्पित करें। इसके बाद मां की आरती करें। मां को मालपुआ या केसरिया पेड़ा अति प्रिय है, इसके अर्पण से बुद्धि का विकास होता है। मां की पूजा से साधक को यश, कीर्ति, बल व आरोग्यता का वरदान प्राप्त होता है।

जगाधरी के देवी भवन मंदिर में घंटी बजाकर मन्नत मांगते श्रद्धालु। संवाद

जगाधरी के देवी भवन मंदिर में घंटी बजाकर मन्नत मांगते श्रद्धालु। संवाद

जगाधरी के देवी भवन मंदिर में घंटी बजाकर मन्नत मांगते श्रद्धालु। संवाद

जगाधरी के देवी भवन मंदिर में घंटी बजाकर मन्नत मांगते श्रद्धालु। संवाद

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