संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। पटवारियों व कानूनगो की हड़ताल को 21 दिन हो गए हैं। तहसीलों में काम अटकने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है।
तीन जनवरी से हड़ताल पर चल रहे पटवारी व कानूनगो गणतंत्र दिवस पर प्रदर्शन नहीं करेंगे। इस दौरान हड़ताली अनाजमंडी स्थित धरना स्थल पर नहीं बैठेंगे और न ही हड़ताल संबंधी किसी प्रकार की गतिविधियों का संचालन करेंगे। यह निर्णय दी रेवेन्यू पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन की प्रदेश कमेटी ने लिया है। वीरवार को हड़ताल अन्य दिनों की तरह जारी रहेगी। वहीं बुधवार को अनाजमंडी में पटवारी व कानूनगो ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
इस दौरान सबसे ज्यादा परेशानी डोमिसाइल, आय, जातीय, रिहायशी व अन्य प्रमाण पत्र बनवाने के लिए विद्यार्थियों को हो रही है। इसके अलावा तहसील कार्यालय में भी तमाम तरह के काम रुके हुए हैं। हड़ताल के कारण जहां सरकार को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है, वहीं काम न हो पाने के कारण लोगाें को भी भारी नुकसान हो रहा है।
हड़ताल के कारण अब तक तहसील कार्यालयों में करीब पांच सौ ज्यादा इंतकाल अटके पड़े हैं। वहीं जमाबंदी, फर्द इत्यादि भी नहीं निकल पा रहे हैं। इसके अलावा रजिस्ट्री में करीब 60 प्रतिशत तक की कमी आई है। गिरदावरी, पैमाइश सहित अन्य संपत्ति कार्य भी लटके हैं। इससे लोगों को परेशानी होनी है। हड़ताल से सरकार को करीब 10 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है।
जिला प्रधान रामफल गुर्जर ने कहा कि सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है। सरकार की वादाखिलाफी से पटवारी व कानूनगो में भारी रोष है। जिला सचिव अवतार सिंह ने बताया कि गणतंत्र दिवस के दिन पटवारी व कानूनगो धरना प्रदर्शन नहीं करेंगे। आगे की हड़ताल संबंधी सूचना गणतंत्र दिवस के बाद दी जाएगी।